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नयी दिल्ली, नौ सितंबर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य समीरुल इस्लाम ने बुधवार को निर्वाचन…
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की रूस यात्रा पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के व्यापार, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 26वें सत्र के लिए मास्को जाने की उम्मीद है। यह इस महीने के अंत में होने वाला है। आपको बता दें कि जयशंकर 21 अगस्त को मास्को का दौरा करेंगे और देश के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ वार्ता करेंगे। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि दोनों मंत्री हमारे द्विपक्षीय एजेंडे के प्रमुख मुद्दों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय ढाँचे के भीतर सहयोग के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा करेंगे।
जयशंकर की रूस यात्रा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की रूस यात्रा के कुछ ही हफ़्तों बाद होगी। माना जा रहा है कि ये यात्राएँ पहले से तय हैं, लेकिन ये ऐसे समय में हो रही हैं जब रूसी तेल की खरीद पर भारत पर 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में भारी गिरावट आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर यूक्रेन के खिलाफ रूसी युद्ध को तेल खरीद के ज़रिए वित्तपोषित करने का आरोप लगाया है।
वर्ष के अंत तक रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन के भी भारत आने की उम्मीद है, जो 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण आक्रमण शुरू करने के बाद से उनकी पहली भारत यात्रा होगी, जिसके कारण दुनिया में राजनयिक अलगाव पैदा हो गया था। इस महीने के अंत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जाएँगे। पुतिन के भी इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है। दुनिया के खिलाफ ट्रंप के टैरिफ युद्ध के मद्देनजर, जिसका सबसे ज़्यादा असर भारत पर पड़ने वाला है, ऐसे सुझाव दिए गए हैं कि भारत को अमेरिकी निर्यात बाज़ार के विकल्प तलाशने के लिए ‘आरआईसी’ जैसे मंचों पर रूस और चीन के साथ द्विपक्षीय या बहुपक्षीय रूप से काम करना चाहिए।
