वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप रविवार 5 अक्तूबर को संपन्न हो गया। मेजबान भारत ने इसमें कुल 22 मेडल अपने नाम किए जिसके दम पर वो मेडल तालिका में 10वें स्थान पर रहे। आखिरी दिन चार पदक जीतने के बावजूद तालिका में स्थान के लिहाज से ये उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं रहा। भारत का तालिका के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पिछले सीजन में कोबे में रहा था। वह कुल 7 पदकों के साथ छठे स्थान पर रहा था।
वहीं आखिरी दिन से पहले कोलंबिया,ग्रेट ब्रिटेन, नीदरलैंड्स, इटली, स्विट्जरलैंड और थाईलैंड के साथ भारत संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहा था। जिनके पास 6-6 गोल्ड मेडल थे। हालांकि, टॉप पांच में जगह बनाने की होड़ में ईरान ने तीन गोल्ड जीते और तीसरे स्थान पर रहा। नीदरलैंड और पोलैंड ने क्रमश: दो और तीन गोल्ड जीतकर टॉप पांच में जगह बनाई। जबकि कोलंबिया, ग्रेट ब्रिटेन और इटली ने एक-एक गोल्ड मेडल जीतकर भारत को दसवें स्थान पर धकेल दिया।
वहीं भारत ने इस प्रतियोगिता में तीन चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाए। दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने एफ 64 वर्ग में 71.37 मीटर भाला फेंककर चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाया। बहु-राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के पहले गोल्ड मेडल विजेता शैलेश कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी42 स्पर्धा में 1.91 मीटर की छलांग लगाकार एक नया रिकॉर्ड बनाया। पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बने रिंकू हुड्डा ने पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में 66.37 मीटर की दूरी तय करके चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाया। भारतीय पैरा एथलीटों ने इस आयोजन में 30 व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किए।
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के लिए मेडल विजेताओं के नाम