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Operation Sindoor के शहीद दिनेश शर्मा War Memorial में अमर, परिवार को गर्व, मां ने अधूरे वादों की याद दिलाई

भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले छह जांबाज जवान अब औपचारिक रूप से पूरी दुनिया के सामने आ गए हैं। सरकार ने पहली बार इन सभी छह शहीदों के नाम सार्वजनिक किए हैं। इन वीर सपूतों को सम्मान देते हुए इनके नामों को दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर रोल ऑफ ऑनर में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही वॉर मेमोरियल की वॉल 3डी पर साल 2025 के सेक्शन में इनके नाम हमेशा-हमेशा के लिए अंकित कर दिए गए हैं।

शहीद की पत्नी बोलीं, पति के बलिदान पर पूरे देश को गर्व है

इस बेहद भावुक और गर्व के मौके पर हरियाणा के पलवल के रहने वाले शहीद लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा के परिवार ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। शहीद दिनेश की पत्नी सीमा देवी ने कहा, “इस पूरे गांव, देश और मुझे अपने पति पर बहुत गर्व है कि उन्होंने मातृभूमि के लिए इतना बड़ा बलिदान दिया।” उन्होंने आगे कहा कि वे सरकार की बेहद शुक्रगुजार हैं जिन्होंने दिल्ली के वॉर मेमोरियल में उनके पति का नाम लिखकर इतना बड़ा सम्मान दिया। इसके साथ ही सरकार ने सीमा देवी को शिक्षा विभाग में क्लर्क की नौकरी भी दी है। सीमा देवी चाहती हैं कि उनके बच्चे भी बड़े होकर अपने पिता के नक्शेकदम पर चलें और देश की सेवा करें। उन्होंने यह भी याद किया कि जब उनके पति शहीद हुए थे, तब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद उनके घर आए थे।

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शहीद की मां ने रखी ये मांग

दूसरी तरफ, शहीद लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा की मां मीरा देवी ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा, “सरकार हमें जो सम्मान दे रही है, वह हमारे लिए बहुत बड़े गर्व की बात है। मुझे फख्र है कि मेरे बेटे ने भारत का नाम रोशन किया। हमें सरकार की तरफ से पूरा सम्मान मिला है।” हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा किए गए एक पुराने वादे को याद दिलाते हुए कहा कि सीएम ने गांव का नाम बदलने की बात कही थी, लेकिन वह अभी तक नहीं हो पाया है, जिसे जल्द से जल्द किया जाना चाहिए।
मां मीरा देवी ने एक और जरूरी बात उठाते हुए कहा कि उनके बेटे की मूर्ति और स्मारक का काम अभी तक पूरी तरह कंप्लीट नहीं हुआ है। जिस जगह पर उनके बच्चे की मूर्ति खड़ी है, वहां सीधे और बहुत तेज धूप आती है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिसने देश के लिए अपनी जान दे दी, उसके मेमोरियल का काम अच्छे से पूरा होना चाहिए ताकि उसे सही मायनों में सम्मान मिल सके।

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