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Mirabai Chanu एशियाई खेलों की चुनौती के लिए तैयार, पदक जीतने के बाद ही मणिपुर जाएंगी

भारतीय भारोत्तोलक और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में ओलंपिक जैसी चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हैं जहां उन्हें चीन, उत्तर कोरिया और थाईलैंड के शीर्ष खिलाड़ियों का सामना करना होगा। भारत की इस 32 वर्ष की खिलाड़ी ने विश्व स्तर पर लगभग प्रत्येक पदक जीता है जिसमें 2021 में ओलंपिक खेलों में जीता गया रजत पदक भी शामिल है। लेकिन वह अभी तक एशियाई खेलों में पदक नहीं जीत पाई हैं।

मीराबाई ने हाल में ही राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने कहा एशियाई खेल बिल्कुल अलग तरह की प्रतियोगिता है, जिसमें राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है। मीराबाई ने 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों से पहले साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) मीडिया से कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में मेरे लिए प्रतिस्पर्धा कठिन नहीं थी।

ग्लास्गो में मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। असली परीक्षा तो अब होनी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह देखना चाहती हूं कि जापान में मैं कितने आगे तक बढ़ सकती हूं। एशियाई खेल मेरे लिए सबसे कठिन रहे हैं।

इस बार एशियाई खेलों में आपको शायद ओलंपिक जैसी प्रतिस्पर्धा देखने को मिले क्योंकि मेरे भार वर्ग में सबसे मजबूत भारोत्तोलक एशिया से हैं।’’
मीराबाई का सर्वश्रेष्ठ एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 में हांगझोऊ में रहा, जहां उन्होंने 49 किलोग्राम वर्ग में चौथा स्थान हासिल किया था। वह चोटिल होने के कारण 2018 में जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाई थी। मीराबाई जानती हैं कि एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीतने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

इसके लिए वह किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती हैं। यही वजह है कि वह कोच विजय शर्मा और अमेरिका के ‘स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग’ कोच डॉ. आरोन हॉर्शिंग द्वारा निर्धारित दिनचर्या का पालन कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रत्येक बृहस्पतिवार को उनके साथ वीडियो कॉल करते हैं और प्रशिक्षण, रिकवरी और भविष्य के कार्यक्रम को लेकर चर्चा करते हैं।

हर चीज की बारीकी से समीक्षा की जाती है। डॉ. हॉर्शिंग खुद एक भारोत्तोलक रह चुके हैं, इसलिए उन्हें शरीर की हर मांसपेशी की जानकारी है। इससे मैं फिटनेस बनाए रखने में सफल रही हूं।’’
मीराबाई एशियाई खेलों में पदक जीतने के लिए इतनी बेताब है कि उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों से लौटने के बाद विश्राम नहीं किया और सीधे मोदीनगर स्थित अपने अभ्यास केंद्र के लिए रवाना हो गईं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभ्यास करने के लिए सीधे मोदीनगर वापस आ गई। दरअसल, मैं घर (मणिपुर) नहीं गई और मैं एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद ही घर जाऊंगी।

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