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Greenland में नहीं बन पाएंगे दुश्मन देशों के बेस, Denmark और US के बीच बड़ा समझौता

डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड द्वारा अमेरिका के साथ स्वायत्त डेनिश क्षेत्र में सुरक्षा मज़बूत करने के लिए किया जाने वाला समझौता नाटो (NATO) और यूरोप के लिए अच्छा है। मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा कि यह समझौता आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में हमारी साझा सुरक्षा को मज़बूत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले हफ़्ते UN जनरल असेंबली के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह समझौता किंगडम (डेनमार्क) की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता, तथा ग्रीनलैंड के लोगों के आत्म-निर्णय के अधिकार को मान्यता देता है।

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फ्रेडरिकसेन के कार्यालय के एक बयान के अनुसार, हस्ताक्षर होने के बाद, इस समझौते को लागू करने के लिए ज़रूरी संसदीय प्रक्रियाओं से गुज़रना होगा। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने डेनमार्क के साथ एक अनंत (हमेशा के लिए) समझौता किया है, जिससे ग्रीनलैंड की सुरक्षा का कंट्रोल अमेरिका के पास आ जाएगा और विदेशी दुश्मन वहां अपने बेस नहीं बना पाएंगे। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल नेटवर्क पर कहा मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक समझौता किया है, जिससे अमेरिका को ग्रीनलैंड की सुरक्षा और अन्य सभी ज़रूरतों पर स्थायी कंट्रोल मिल जाएगा। अब से, अमेरिका का कोई भी दुश्मन हमारी लिखित मंज़ूरी के बिना ग्रीनलैंड में कभी भी बेस नहीं बना पाएगा, वहां अपनी सेना नहीं रख पाएगा और न ही वहां कोई संवेदनशील निवेश कर पाएगा। 

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ग्रीनलैंड सरकार के प्रमुख जेन्स-फ्रेडरिक निल्सन ने कहा, “यह खुशी की बात है कि हम एक ऐसे समझौते पर पहुंचने वाले हैं जो ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य, अमेरिका और पश्चिमी गठबंधन की सुरक्षा को पक्का और मजबूत करेगा। उन्होंने आगे कहा यह समझौता ग्रीनलैंड के हितों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में हमारी भूमिका को मान्यता देता है। जनवरी 2025 में व्हाइट हाउस लौटने के बाद से, ट्रम्प ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि रणनीतिक कारणों से वाशिंगटन को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की आवश्यकता है। इस बात ने NATO सहयोगी डेनमार्क को चिंतित कर दिया और गठबंधन की ओर से कड़ा विरोध भी हुआ।

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