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11 साल की भारतवंशी Bodhana Sivanandan बनीं इंग्लैंड की नंबर-1 महिला शतरंज खिलाड़ी

शतरंज में भारतीय खिलाड़ियों का बोल बाला देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में 11 साल की भारतवंशी बच्ची बोधना शिवानंदन ने इतिहास रच दिया है। बोधना शिवानंद ने पापा के पुराने शतरंज बोर्ड से खेल की शुरुआत की, यूट्यूब से शतरंज की बारिकियां सीखीं और अब 2366 की बेहतरीन रेटिंग के साथ इंग्लैंड की नंबर-1 महिला शतरंज खिलाड़ी बन गई हैं। 
बोधना ने बेहद कम उम्र में कई बड़े रिकॉर्ड अपने ना किए हैं। उनके जुनून, परिवार का साथ और आत्मविश्वास ने उन्हें शिखर तक पहुंचाया। बोधना शिवानंदन की जड़ें भारत से हैं। बोधना का परिवार मूल रूप से भारत के तमिलनाडु राज्य के एक शहर तिरुचिरापल्ली का रहने वाला है। उनके पिता शिवानंदन वेलायुथम 2007 में अपने परिवार के साथ इंग्लैंड चले गए थे। बोधना का जन्म 7 मार्च 2015 को लंदन में हुआ। 

बोधना ने 1 अप्रैल 2026 को ये रिकॉर्ड बनाया। बोधना ने 25 साल की लैन याओ की जगह ली है। लैन याओ चार बार की ब्रिटिश महिला चैंपियन रह चुकी हैं। 

अब बोधना शिवानंदन इंग्लिश फेडरेशन की टॉप महिला खिलाड़ी हैं। अब उनकी रेटिंग ब्रिटेन के बाकी सभी देशों की टॉप महिला खिलाड़ियों से भी ज्यादा है। बोधना शिवानंद पहली बार दुनिया की टॉप 100 महिला खिलाड़ियों की लिस्ट में भी शामिल हो गईं जहां वह 72वें नंबर पर हैं। 
बता दें कि, बोधना पिछले साल उस समय सुर्खियों में आईं थी जब पहली बार किसी वर्ल्ड चैंपियन को हराया। बोधना ने तब ग्रीस के रोड्स में आयोजित यूरोपीयन क्लब कप में यूक्रेन की पूर्व विमेंस चैंपियन ग्रैंडमास्टर मारिया मुजिचुक को मात दी थी। 
 
बोधना शिवानंद की कुछ अविश्वसनीय उपलब्धियां
  • 7 साल की उम्र में, उन्होंने European Schools Championship में अपने सभी 24 मैच जीते और तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
  • साल 2024 में, जब उन्हें Chess Olympiad के लिए चुना गया, तो वह किसी भी खेल में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं।
  • साल 2025 में, वह British Chess Championships में 60 साल के ग्रैंडमास्टर को हराने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बन गईं। 
वहीं बोधना की उपलब्धि को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी सराहा है। ऋषि सुनक ने एक्स पर बोधना के साथ वाली तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि, सिर्फ 11 साल की उम्र में इंग्लैंड की शीर्ष महिला शतरंज खिलाड़ी बनने पर बोधना शिवानंद को बहुत-बहुत बधाई। हम दोनों ने एक बार डाउनिंग स्ट्रीट के बगीचे में एक-दूसरे के साथ खेला था। बस इतना कहूंगा कि उनकी ये सफलता मेरे लिए कोई हैरानी की बात नहीं है। 

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