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एशिया कप विश्व रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता चरण 1 में भारत ने मिश्रित टीम में स्वर्ण और महिला टीम में रजत पदक जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। मौजूद जानकारी के अनुसार भारत के कुल पदकों की संख्या अब चार हो गई है, जिसमें एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य शामिल हैं।
बता दें कि इससे पहले महिला रिकर्व टीम और पुरुष कंपाउंड टीम ने कांस्य पदक जीते थे, जिससे भारतीय दल का मनोबल पहले से ही ऊंचा था। गौरतलब है कि भारत को अभी और पदकों की उम्मीद है क्योंकि दिन में आगे तीन फाइनल मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी हिस्सा लेने वाले हैं।
सुबह के सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि मिश्रित कंपाउंड टीम की रही, जहां चिकिथा तनिपार्थी और रजत चौहान की जोड़ी ने मलेशिया को कड़े मुकाबले में 158-156 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दोनों टीमों के बीच हर तीर के साथ दबाव बना रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय जोड़ी ने 16 तीरों में केवल दो अंक गंवाए, जबकि मलेशिया चार अंक गंवा बैठा। शुरुआत में लगातार चार सटीक निशाने लगाकर भारत ने बढ़त बनाई और अंत तक इसे बनाए रखा। आखिरी दौर में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार संयम दिखाते हुए लगातार सटीक निशाने लगाए, जिससे जीत पक्की हो गई।
गौरतलब है कि पिछली बार इस स्पर्धा में भारत को मिश्रित टीम में कोई पदक नहीं मिला था, ऐसे में यह जीत खास मायने रखती है। वहीं महिला कंपाउंड टीम को फाइनल में कड़ी टक्कर के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
महिला टीम में राज कौर और तेजल साल्वे के साथ चिकिथा तनिपार्थी शामिल थीं, जिन्होंने कजाखस्तान की टीम के खिलाफ शानदार शुरुआत की थी। भारतीय टीम ने पहले चरण में बढ़त भी बनाई, लेकिन तीसरे चरण में थोड़ा कमजोर प्रदर्शन भारी पड़ गया।
मौजूद जानकारी के अनुसार कजाखस्तान ने तीसरे दौर में शानदार वापसी करते हुए बढ़त बना ली, जिसे भारत अंत तक नहीं पाट सका। अंतिम चरण बराबरी पर खत्म हुआ, लेकिन पहले की बढ़त के चलते कजाखस्तान ने मुकाबला जीत लिया।
भारतीय तीरंदाजी दल का प्रदर्शन इस प्रतियोगिता में लगातार बेहतर होता दिख रहा है और आगे के मुकाबलों में भी पदक जीतने की उम्मीद बनी हुई है।
