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चेन्नई में रविवार की शाम सब कुछ भारत के मुताबिक होता दिखा। अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका की वेस्टइंडीज पर आसान जीत ने सुपर 8 ग्रुप 1 का समीकरण साफ कर दिया था। बता दें कि उस नतीजे के बाद भारत के लिए रास्ता सीधा हो गया था अब बाकी दोनों मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की जा सकती थी।
ऐसे में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वही किया जिसकी जरूरत थी। एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने 72 रन से जीत दर्ज कर अपना अभियान फिर पटरी पर ला दिया। अब अगला मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा, जो एक तरह से क्वार्टरफाइनल जैसा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 256/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो इस टी20 वर्ल्ड कप में उसका सर्वोच्च स्कोर है। अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में 55 रन बनाकर शानदार शुरुआत दिलाई। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने पावरप्ले में ऑफ स्पिन का सामना नहीं किया, जो अब तक उनकी कमजोरी मानी जा रही थी, और इसका पूरा फायदा उठाया।
संजू सैमसन ने भी तेज 24 रन जोड़कर रनगति को बनाए रखा। मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या ने 23 गेंदों पर नाबाद 50 रन और तिलक वर्मा ने 16 गेंदों में नाबाद 44 रन ठोककर स्कोर को नई ऊंचाई दी। अंत में जिम्बाब्वे के गेंदबाज यॉर्कर की कोशिश में फुलटॉस डालते नजर आए और भारतीय बल्लेबाजों ने कुल 17 छक्के जड़ दिए।
जिम्बाब्वे की ओर से ब्रायन बेनेट ने 54 गेंदों पर नाबाद 97 रन की जुझारू पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से खास समर्थन नहीं मिला। टीम 20 ओवर में 184/6 तक ही पहुंच सकी। बता दें कि जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी, लेकिन उनके तेज गेंदबाज पावरप्ले में प्रभाव नहीं छोड़ सके और फील्डिंग में भी अहम मौके गंवाए गए।
हालांकि विपक्ष की गुणवत्ता पर सवाल उठ सकते हैं, लेकिन भारत के लिए जरूरी था कि वह बड़ा स्कोर बनाए और नेट रन रेट सुधारे। टीम ने यह काम बखूबी किया। अब सेमीफाइनल का टिकट वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत पर निर्भर करेगा। हार की स्थिति में सफर यहीं खत्म हो जाएगा।
चेपॉक की इस जीत ने भारत को नई ऊर्जा दी है, लेकिन आगे की चुनौती कहीं ज्यादा कड़ी होगी और टीम को यही लय बरकरार रखनी होगी अगर खिताब की दौड़ में बने रहना है और फिलहाल सबकी नजरें अगले निर्णायक मुकाबले पर टिकी हुई हैं।
