Breaking News

Asian Para Games: तैराक Kapil Kumar और तीरंदाज Swati Chaudhary ने जीता Silver

भारतीय तैराक कपिल कुमार ने गुरुवार को यहाँ एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S10 स्पर्धा में रजत पदक जीता। 26 वर्षीय कपिल ने 4:38.44 का समय लिया और जापान के अकिटो मिनाई के बाद दूसरे स्थान पर रहे। मिनाई ने 4:27.44 का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान खेलों का नया रिकॉर्ड भी बनाया। ईरान के शाहीन इज़द्यार ने 4:38.65 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में कुल पाँच तैराक शामिल थे।

इसे भी पढ़ें: Asian Para Games 2026 | भारत की सुवर्णा राज ने महिलाओं की चक्का फेंक (Discus Throw) एफ54 स्पर्धा में रचा इतिहास, जीता स्वर्णिम पदक

S10 क्लास के तैराकों में आमतौर पर शारीरिक अक्षमता बहुत कम होती है, जैसे कि पैरों में कमजोरी, पैरों का न होना, घुटने के नीचे से पैर न होना, या कूल्हों से जुड़ी समस्याएँ। पैरालंपिक तैराकी में, S, SB और SM जैसे उपसर्ग (prefixes) तैराकी की शैली (स्ट्रोक) की श्रेणी को दर्शाते हैं। वहीं, स्वाति चौधरी ने एशियाई पैरा खेलों में तीरंदाजी की महिला डब्ल्यू1 श्रेणी में भारत का पहला पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने बृहस्पतिवार को यहां महिला व्यक्तिगत फाइनल में चीन की सेन मेंगकन से हारने के बाद रजत पदक हासिल किया।

मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में एथेंस ओलंपिक खेलों में भाग ले चुके सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने उतार-चढ़ाव भरे फाइनल में 4-2 की बढ़त गंवा दी और 4-6 से हार गई। चीन की तीरंदाज ने शानदार वापसी की और स्वाति को 25-17, 21-22, 22-21, 20-30, 21-28 से हार का सामना करना पड़ा। पिछले महीने अहमदाबाद में विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में कांस्य पदक जीतने वाली स्वाति ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट 25-17 से जीत लिया।

इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम

चीन की खिलाड़ी ने दूसरा सेट जीता लेकिन स्वाति ने तीसरा सेट जीत कर वापसी की। चीन की खिलाड़ी ने चौथे सेट में तीन परफेक्ट 10 के साथ 30 का स्कोर बनाकर सेट 30-20 से जीत लिया और मैच को 4-4 से बराबर कर दिया। सेन ने निर्णायक सेट में अपना धैर्य बनाए रखा तथा स्वाति के 21 अंकों के मुकाबले 28 अंक बनाकर एशियाई पैरा खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। मेरठ की 37 वर्षीय स्वाति को भले ही स्वर्ण पदक नहीं मिला लेकिन वह इस वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई। डब्ल्यू1 श्रेणी में गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं। 
 

Loading

Back
Messenger