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Kolkata के चोरबागान पूजा पंडाल भगदड़ की जांच के लिए छह सदस्यीय SIT गठित, 19 की हुई थी मौत

पश्चिम बंगाल सरकार ने उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ की जांच के लिए बुधवार को छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इस घटना में 19 लोगों की मौत हो गई थी और 25 अन्य घायल हुए थे। मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिंदिता रॉय सरस्वती की अध्यक्षता वाली एसआईटी को तीन महीने के भीतर राज्य सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपने को कहा गया है।

आदेश में कहा गया है कि एसआईटी का गठन कलकत्ता उच्च न्यायालय के परामर्श से किया गया है। इसमें कहा गया है कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश के अलावा, एसआईटी में आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव, विशेष कार्य बल के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक शामिल होंगे। इसके अलावा इसमें (एसआईटी में) पश्चिम बंगाल के पुलिस प्रमुख का एक प्रतिनिधि जोकि अतिरिक्त महानिदेशक स्तर से नीचे का नहीं हो, व गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग का एक प्रतिनिधि जोकि संयुक्त सचिव स्तर से नीचे का नहीं हो तथा कोलकाता स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।

आदेश में कहा गया है, ‘‘दल भगदड़ से पहले की घटनाओं के क्रम की जांच करेगा। इसमें भीड़ के अचानक बढ़ने की शुरुआत के कारणों, घटनास्थल पर मौजूद लोगों की संख्या और इस बात की जांच शामिल है कि क्या भीड़ निर्धारित सुरक्षित क्षमता से अधिक थी।’’
आदेश के अनुसार, एसआईटी अत्यधिक भीड़, प्रतिकूल मौसम, प्रवेश द्वारों के प्रबंधन, अफवाहों, बिजली की खराबी और प्रवेश एवं निकास की अपर्याप्त व्यवस्था की संभावित भूमिका की भी जांच करेगी। एसआईटी घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन से की गई वीडियो रिकॉर्डिंग, फॉरेंसिक जांच के निष्कर्षों, कॉल रिकॉर्ड, पुलिस थानों और नियंत्रण कक्ष के लॉग, चिकित्सा रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की पड़ताल करेगी।

एसआईटी आयोजकों, पुलिस, निजी सुरक्षा कर्मियों, स्वयंसेवकों, एंबुलेंस सेवाओं, अस्पतालों, अग्निशमन सेवाओं और नागरिक प्रशासन की तैयारियों तथा उनकी प्रतिक्रिया की भी जांच करेगी। यह दल यह भी आकलन करेगा कि आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं या नहीं और क्या भीड़ प्रबंधन तथा निकासी की योजनाएं लागू नियमों एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार कर लागू की गई थीं। एसआईटी बड़े दुर्गा पूजा आयोजनों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों की भी सिफारिश करेगी।

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