जम्मू कश्मीर में क्रिकेट संघ से जुड़े बहु करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले के मामले में श्रीनगर की एक अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार यह आदेश उस समय जारी किया गया जब आरोप तय करने की सुनवाई के दौरान फारूक अब्दुल्ला अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत ने इस मामले में पहले 12 मार्च की तारीख तय की थी, जिस दिन आरोप तय किए जाने थे।
बता दें कि इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2018 में आरोप पत्र दाखिल किया था। हालांकि उसके बाद से अब तक आरोप तय करने की प्रक्रिया में देरी होती रही और मुकदमे की औपचारिक सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि सुनवाई के दिन फारूक अब्दुल्ला अदालत में उपस्थित नहीं हो सके क्योंकि वह उस समय जम्मू में थे। मौजूद जानकारी के अनुसार बुधवार देर शाम जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह के दौरान उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई थी।
बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति ने अपनी लाइसेंसधारी रिवॉल्वर से उनके ऊपर गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के कारण हमलावर को समय रहते धक्का देकर अलग कर दिया गया, जिसके चलते गोली लक्ष्य से चूक गई और फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित बच गए।
मौजूद जानकारी के अनुसार हमलावर की पहचान कमल सिंह जम्वाल के रूप में हुई है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
इसी बीच अदालत में फारूक अब्दुल्ला की ओर से पेश वकील ने उनकी अनुपस्थिति के लिए छूट की अर्जी दाखिल की थी। हालांकि श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया है।
गौरतलब है कि अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी को ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का विकल्प दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च की तारीख तय कर दी है।
बता दें कि जम्मू कश्मीर क्रिकेट संघ में वर्ष 2001 से 2011 के बीच कथित तौर पर कई करोड़ रुपये के धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। उस समय फारूक अब्दुल्ला इस संघ के अध्यक्ष थे।
हालांकि फारूक अब्दुल्ला पहले भी इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में उनका नाम जानबूझकर घसीटा जा रहा है ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।