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Army, Navy और BSF का संयुक्त अभियान बना प्रेरणा का प्रतीक, National War Memorial पर ‘भारत रणभूमि दर्शन’ अभियान का भव्य समापन

देश की समृद्ध सैन्य परंपरा और वीर सैनिकों के बलिदान को नमन करते हुए थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आज नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल में ‘भारत रणभूमि दर्शन (D2D) अभियान’ के समापन समारोह को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से संपन्न किया। इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, जवान और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। हम आपको बता दें कि 22 दिनों तक चली करीब 3,400 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक यात्रा इस माह की 3 तारीख को गुजरात की पवित्र नगरी द्वारका से प्रारंभ हुई थी। इस अभियान का संयुक्त नेतृत्व भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और सीमा सुरक्षा बल द्वारा किया गया। इस अभियान का उद्देश्य देश के युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा भारत की गौरवशाली सैन्य विरासत को जन-जन तक पहुंचाना था।
यात्रा के दौरान दल ने गुजरात और राजस्थान के अनेक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। ये स्थान देश की सुरक्षा और अखंडता की रक्षा से जुड़े प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों के साक्षी रहे हैं। प्रत्येक पड़ाव पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके अदम्य साहस तथा सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया।

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अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों के बीच भारतीय सशस्त्र बलों के योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। यात्रा मार्ग में विभिन्न जनसंवाद कार्यक्रम, प्रदर्शनी, प्रेरक व्याख्यान और स्मृति समारोह आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल की भूमिका, चुनौतियों और उपलब्धियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
नई दिल्ली में आयोजित समापन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि यह अभियान केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। कार्यक्रम में देश की सैन्य परंपराओं, वीरता गाथाओं और बलिदान की भावना को पुनर्स्मरण करते हुए भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करने का संकल्प दोहराया गया। कुल मिलाकर ‘भारत रणभूमि दर्शन (D2D) अभियान’ ने न केवल पश्चिमी भारत के ऐतिहासिक रणक्षेत्रों को जोड़ा, बल्कि राष्ट्रभक्ति, एकता और सैन्य गौरव की भावना को भी सुदृढ़ किया।

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