प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में जोर देकर कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों के साथ कभी समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भारत के किसान और मछुआरे सरकार की प्राथमिकता हैं। मोदी ने यह भी कहा कि ‘मोदी दीवार बनकर खडा है’, यानी वे किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर गतिरोध बना हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए अपना बाजार खोलने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन भारत अपनी घरेलू कृषि की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। इसी गतिरोध के बीच ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ भी लगाया है।
प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के महत्व को दोहराते हुए कहा कि दूसरों पर निर्भर रहना आपदा का कारण बन सकता है, इसलिए हमें अपने हितों की रक्षा के लिए आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने लगभग 100 ऐसे जिलों की पहचान की है जहां किसानों को अतिरिक्त सहायता की जरूरत है और इसके लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शुरू की गई है।
खेती के मामलों में पिछड़े रह गए देश के 100 जिलों में हमने पीएम धन-धान्य कृषि योजना आरंभ की है, जिससे इन क्षेत्रों के हमारे किसान भाई-बहनों को बहुत लाभ होने वाला है। pic.twitter.com/49eyW7dIUi
— Narendra Modi (@narendramodi) August 15, 2025
ऊर्जा और तकनीक में आत्मनिर्भरता की ओर
अपने भाषण में, प्रधानमंत्री ने ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा-स्वतंत्र बनने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 सालों में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 30 गुना बढ गई है। वर्तमान में दस नए परमाणु रिएक्टरों पर काम चल रहा है। भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे होने तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को दस गुना बढाने का लक्ष्य रखता है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने ’21वीं सदी को प्रौद्योगिकी-संचालित सदी’ बताया और कहा कि ‘भारत में निर्मित चिप्स’ इस साल के अंत तक बाजार में आ जाएंगे। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बढावा देने के लिए लडाकू विमानों के लिए स्वदेशी इंजन और अपने उर्वरक विकसित करने का भी आह्वान किया।