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JSSC CGL परीक्षा में अनियमितता पर Jharkhand CID का एक्शन, चार सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार

झारखंड पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने शुक्रवार को वर्ष 2024 में आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफल रहे चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की गई। राज्य की जांच एजेंसी ने इस मामले में एक दिन पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

इसके अलावा उसने मामले के मुख्य आरोपी अभय तिवारी, उसकी पत्नी और भाई को जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में गिरफ्तार किया था। झारखंड सरकार ने इससे पहले नौकरी पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ किए गए विरोध-प्रदर्शन को शांत करने के लिए जेएसएससी-सीजीएल-2023 सहित कई भर्ती परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की थी। जेएसएससी-सीजीएल-2023 परीक्षा 21 और 22 सितंबर, 2024 को आयोजित हुई थी।

हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय ने सफल अभ्यर्थियों की याचिका पर कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी। सफल अभ्यर्थियों को डर था कि परीक्षा रद्द होने से उनकी नौकरी चली जाएगी। झारखंड सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।

सीआईडी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित झारखंड स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2023 में कथित अनियमितताओं के संबंध में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफल चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है।’’
इनकी पहचान धनबाद जिले के निवासी दीपक कुमार, विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह तथा वर्तमान में बोकारो में रह रहे उमेश कुमार राय के रूप में हुई है। सीआईडी ने 22 जुलाई को जांच के सिलसिले में अभय तिवारी को गिरफ्तार किया था। उस समय वह गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर तैनात था।

उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।

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