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India-UAE रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा, S Jaishankar ने खाड़ी क्षेत्र के हालात पर की चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य और रास अल-खैमाह के शासक शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत-UAE संबंधों और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की। यह मुलाकात जयशंकर की संयुक्त अरब अमीरात की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान हुई, जिसका उद्देश्य ‘भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ की प्रगति की समीक्षा करना था। वे बुधवार को अबू धाबी पहुंचे थे। बैठक के बाद, जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि रास अल खैमाह के शासक और UAE सुप्रीम काउंसिल के सदस्य, महामहिम शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से मिलना सम्मान की बात है। उन्होंने आगे कहा कि भारत-UAE संबंधों को और मजबूत करने तथा इस क्षेत्र के साथ जुड़ाव को गहरा करने के बारे में उनके विचारों के लिए मैं आभारी हूँ। खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई। 

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रास अल खैमाह, UAE को बनाने वाले सात अमीरातों में से एक है। देश के सबसे उत्तरी बिंदु के पास स्थित, यह ओमान के साथ एक अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है और होर्मुज जलडमरूमध्य के बगल में खाड़ी तट के साथ फैला हुआ है। जयशंकर ने अपने UAE समकक्ष, शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की और द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। हाल के वर्षों में, भारत और UAE ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ाया है। ‘व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता’ (CEPA), जो मई 2022 में लागू हुआ था, द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक जुड़ाव को बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है। 

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खाड़ी क्षेत्र में यूएई भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। यहाँ बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, और यह देश ऊर्जा आपूर्ति तथा निवेश का एक प्रमुख स्रोत है। अबू धाबी में भारतीय दूतावास के अनुसार, यूएई में भारतीय सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय हैं, जो वहाँ की कुल आबादी का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा हैं। वर्ष 2024 में यूएई में लगभग 43 लाख (4.3 मिलियन) भारतीय नागरिक रह रहे थे। जयशंकर की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करना, द्विपक्षीय और क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत करना, तथा खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करना था।

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