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India-Pakistan Ceasefire का उमर अब्दुल्ला ने किया स्वागत, बोले- पहले हुआ होता, तो जो जानें गईं, वो नहीं जातीं

भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम समझौते पर जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मैं इसका स्वागत करता हूं। अगर यह 2-3 दिन पहले हुआ होता, तो हमारी जो जानें गईं, वो नहीं जातीं। पाकिस्तान के डीजीएमओ ने हमारे डीजीएमओ को बुलाया और संघर्ष विराम लागू हुआ। मौजूदा जम्मू-कश्मीर सरकार की जिम्मेदारी है कि जहां भी नुकसान हुआ है, उसका आकलन करें और लोगों को राहत पहुंचाना शुरू करें। जहां भी लोग घायल हुए हैं, उन्हें उचित इलाज मिले और सरकारी योजना के तहत राहत भी मिले। 
 

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उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आग से बहुत नुकसान हुआ है। डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत नुकसान का अंतिम आकलन करें और उस आकलन को हमें भेजें ताकि हम इन घरों में राहत पहुंचाना शुरू कर सकें। साथ ही, हमारा एयरपोर्ट कई दिनों से बंद है, हमें उम्मीद है कि संघर्ष विराम के बाद एयरपोर्ट फिर से खुल जाएगा। इससे पहले अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश में पाकिस्तानी गोलाबारी में जान गंवाने वालों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की शनिवार को घोषणा की। भारतीय सशस्त्र बलों ने पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में सात मई को सीमा के पार नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया था, जिसके बाद पिछले चार दिन में पुंछ, राजौरी, जम्मू और बारामुला सेक्टरों में पड़ोसी देश की गोलाबारी में एक अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त और 19 ग्रामीणों की मौत हो गई। 
 

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इन 19 लोगों में से 12 लोगों की मौत बुधवार को पुंछ में हुई, जबकि शुक्रवार को उरी व पुंछ में दो अन्य लोगों की जान चली गई। इसके अलावा शनिवार सुबह पाकिस्तानी गोलाबारी में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी समेत पांच लोगों को जान गंवानी पड़ी। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, पाकिस्तान की ओर से हाल ही में की गई गोलाबारी के कारण निर्दोष लोगों की जान जाने से मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी सरकार अपने लोगों की परेशानियों को कम करने के लिए हर संभव उपाय कर रही है।

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