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ट्रंप ने कोयला, लौह अयस्क, रासायनिक उद्योगों को नियामक राहत देने का निर्णय लिया

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोयला आधारित ऊर्जा संयंत्रों, रासायनिक विनिर्माताओं और अन्य प्रदूषणकारी उद्योगों को दो वर्ष की नियामक छूट देने का निर्णय लिया है।

ट्रंप पूर्ववर्ती बाइडन प्रशासन द्वारा लगाए गए नियमों को उलटना चाहते हैं, जिन्हें वे अत्यधिक बोझिल मानते हैं।
ट्रंप ने बृहस्पतिवार देर रात कई उद्योगों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताते हुए छूट देने वाले आदेश जारी किए। ये आदेश कोयला आधारित बिजली संयंत्रों, इस्पात निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाले टैकोनाइट लौह अयस्क की प्रसंस्करण इकाइयों तथा सेमीकंडक्टर और चिकित्सा उपकरणों को रोगाणुमुक्त करने में मदद करने वाले रासायनिक निर्माताओं पर लागू होंगे।

व्हाइट हाउस ने बताया कि ये आदेश उन पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) मानकों के अनुरूप हैं, जो बाइडन प्रशासन द्वारा हाल के वर्षों में लागू किए गए नियमों से पहले थे।
ट्रंप ने बाइडन के नियमों को महंगे और कई मामलों में अव्यवहार्य बताया।

व्हाइट हाउस ने कहा कि यह कदम “महत्वपूर्ण उद्योगों को राष्ट्रीय सुरक्षा के समर्थन में बिना भारी लागत के निर्बाध रूप से संचालित करने” में मदद करेगा।
ट्रंप का ईपीए पहले भी कई कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को प्रदूषण नियंत्रण नियमों से छूट दे चुका है। साथ ही ईपीए ने पारा, आर्सेनिक और बेंजीन जैसे विषैले रसायनों के उत्सर्जन को कम करने के नियमों से भी कई औद्योगिक प्रदूषकों को छूट देने का अवसर दिया था।

पर्यावरण संगठनों ने इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की और इस संबंध में जारी नए ईमेल को “प्रदूषकों का पोर्टल” बताया, जो पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों से बचने में सैकड़ों कंपनियों की मदद कर सकता है।
उनकी दलील है कि पारा बच्चों के मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है और इससे गर्भस्थ शिशुओं को जन्म दोष का खतरा होता है।

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