इटली के युवा चालक किमी एंटोनेली ने मोनाको ग्रां प्री जीतकर इतिहास रच दिया है। महज 19 वर्ष और 9 महीने की उम्र में उन्होंने इस प्रतिष्ठित रेस को अपने नाम कर सबसे कम उम्र में मोनाको ग्रां प्री जीतने वाले चालक बनने का रिकॉर्ड बना दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले यह रिकॉर्ड सात बार के विश्व चैंपियन लुईस हैमिल्टन के नाम था। हैमिल्टन ने वर्ष 2008 में 23 वर्ष की उम्र में पहली बार मोनाको ग्रां प्री जीती थी। अब करीब 16 वर्षों बाद किमी एंटोनेली ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए मोटर रेसिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली।
मौजूद जानकारी के अनुसार रेस का 72वां संस्करण कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा। किमी एंटोनेली ने शुरुआत से ही शानदार गति दिखाई और प्रतियोगियों पर लगातार दबाव बनाए रखा। रेस के दौरान उन्होंने इतनी बढ़त बना ली थी कि तीसरे स्थान पर चल रही गाड़ी तक को पीछे छोड़ चुके थे। एक समय वह दूसरे स्थान पर चल रहे लुईस हैमिल्टन से 30 सेकंड से भी अधिक आगे निकल गए थे।
हालांकि रेस के अंतिम चरण में परिस्थितियां अचानक बदल गईं। 68वें चक्कर पर ट्रैक की मरम्मत की जरूरत पड़ने के कारण मुकाबले को रोकना पड़ा। इससे पहले लांस स्ट्रोल की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद सुरक्षा वाहन को ट्रैक पर उतारा गया। इसी दौरान फेरारी के चालक शार्ल लेक्लेर भी अंतिम मोड़ पर दीवार से टकरा गए। इन घटनाओं के कारण आयोजकों को लाल संकेत दिखाकर रेस रोकनी पड़ी।
बता दें कि ट्रैक की सतह को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते लगभग 37 मिनट तक मुकाबला स्थगित रहा। इसके बाद दोबारा शुरुआत कराई गई। ऐसे दबाव भरे माहौल में भी किमी एंटोनेली ने अपना संयम नहीं खोया और पुनः शुरुआत के बाद भी बढ़त बनाए रखी। उन्होंने लुईस हैमिल्टन को पीछे रखते हुए जीत सुनिश्चित कर ली।
इस जीत के साथ किमी एंटोनेली की लगातार पांचवीं सफलता भी दर्ज हुई है। इसके अलावा चैंपियनशिप तालिका में उनकी बढ़त और मजबूत हो गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार अब वह लुईस हैमिल्टन से 66 अंक और अपने साथी चालक जॉर्ज रसेल से 68 अंक आगे हैं।
दूसरी ओर जॉर्ज रसेल के लिए यह सप्ताहांत बेहद निराशाजनक रहा। वह 13वें स्थान पर रहे और कोई अंक हासिल नहीं कर सके। रेस के दौरान गति सीमा उल्लंघन से जुड़े दंड को सही तरीके से पूरा नहीं करने के कारण उन्हें अतिरिक्त सजा भी मिली। इससे उनके खिताबी अभियान को बड़ा झटका लगा है।
रेस में इसाक हाजार तीसरे स्थान पर रहे, जबकि ऑस्कर पियास्त्री चौथे स्थान पर पहुंचे। वहीं पिछले वर्ष मोनाको ग्रां प्री जीतने वाले लैंडो नॉरिस इस बार रेस पूरी नहीं कर सके। उनकी गाड़ी में तकनीकी खराबी आने के कारण उन्हें बीच में ही बाहर होना पड़ा।
गौरतलब है कि चार बार के विश्व चैंपियन मैक्स वर्स्टापेन के लिए भी यह दिन बेहद खराब साबित हुआ। उनकी गाड़ी में शुरुआती क्षणों से ही तकनीकी समस्या आ गई और वह रेस में प्रभावी चुनौती पेश नहीं कर सके।
किमी एंटोनेली की यह जीत केवल एक रेस की सफलता नहीं मानी जा रही है, बल्कि इसे मोटर रेसिंग के नए दौर की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है। कम उम्र में जिस आत्मविश्वास, गति और परिपक्वता का प्रदर्शन उन्होंने किया है, उससे अब उन्हें इस सत्र के खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।