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Assam के टैक्सी चालकों ने Meghalaya वाहनों की नाकेबंदी खत्म की, सुरक्षा का मिला भरोसा

असम के टैक्सी संचालकों ने शनिवार को मेघालय में पंजीकृत वाहनों के खिलाफ अपनी नाकेबंदी समाप्त कर दी। यह फैसला दोनों राज्यों के मंत्रियों के बीच बैठक के बाद सुरक्षा के आश्वासन पर लिया गया। इससे पहले, असम के सीमा सुरक्षा मंत्री अतुल बोरा और मेघालय के उपमुख्यमंत्री एस. धर के बीच बैठक हुई।

बोरा के साथ बैठक के बाद जोराबाट में नाकेबंदी वाली जगह पर एक टैक्सी संचालक ने कहा, ‘‘हमने फिलहाल नाकेबंदी हटाने का फैसला किया है। मेघालय सरकार ने 19 अगस्त को हुई हिंसा की जांच के लिए एक एसआईटी बनाई है। हम इसकी रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मंत्री ने कहा है कि मेघालय सरकार हमारे चालकों और गाड़ियों को हुए नुकसान का मुआवजा देगी।’’
धर से मिलने के बाद बोरा प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को असम सरकार के प्रतिनिधियों से मिलकर अपनी मांगें रखेगा। इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि मेघालय में फंसे असम के 246 लोगों में से 131 लोग रात 8:30 बजे तक सुरक्षित वापस आ चुके हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम मेघालय सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि बाकी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित गुवाहाटी वापस लाया जा सके।’’
शर्मा ने दोनों सरकारों के बीच हुई बैठक के नतीजों का भी स्वागत किया और कहा कि इससे हालात सामान्य करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मेघालय सरकार द्वारा एक एसआईटी का गठन और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी सही दिशा में उठाए गए कदम हैं। शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की ओर से 19 अगस्त को आयोजित बाइक रैली के दौरान हिंसा भड़क गई थी। पुलिस के मुताबिक, असम में पंजीकृत वाहनों समेत कम से कम 31 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा और 16 लोग घायल हो गए।

इस घटना के बाद, असम में टैक्सी संचालकों ने बृहस्पतिवार से पड़ोसी राज्य में जाने वाले मुख्य रास्तों -जोराबाट और खानापारा- पर मेघालय जाने वाले वाहनों के खिलाफ नाकेबंदी कर दी थी।

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