🎭 बलिया के रसड़ा की ऐतिहासिक रामलीला में सोमवार रात महा नवमी पर दसवें दिन मंचन हुआ। रावण ने श्रीराम की सेना खत्म करने के लिए भाई कुंभकरण और पाताल लोक के राजा अहिरावण का सहारा लिया।
😴 रावण ने छह महीने से सोए कुंभकरण को जगाया। कुंभकरण ने रावण को अधर्म छोड़ने की सलाह दी, पर वह युद्धभूमि में कूद पड़ा। श्रीराम ने बाणों से उसका वध किया।
🌀 कुंभकरण के वध से परेशान रावण ने मायावी पुत्र अहिरावण को बुलाया। अहिरावण ने विभीषण का रूप धारण कर श्रीराम-लक्ष्मण को पातालपुरी चुरा लिया, जहां वह उनकी बलि देने की तैयारी कर रहा था।
🐒 खबर मिलते ही हनुमान जी पातालपुरी पहुंचे। उन्होंने रणनीति और पंचमुखी रूप धारण कर अहिरावण को मार डाला, श्रीराम-लक्ष्मण को सुरक्षित वापस ले आए।
🎉 अहिरावण वध और श्रीराम की जीत के बाद रामलीला मैदान “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के नारों से गूंज उठा। हजारों दर्शकों ने मंचन का आनंद लिया। इस दौरान कई गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।
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