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AIIMS Doctor ने कहा, मॉनसून में Dengue से बचना है, तो प्लेटलेट्स का रोना छोड़ो और इन लक्षणों पर ध्यान दो!

मॉनसून का मौसम आ गया है और इसके साथ ही बीमारियों का दौर भी शुरू हो गया है। हर साल इस मौसम में कुछ खास बीमारियां पैर पसारने लगती हैं। डेंगू इस मौसम की सबसे आम और परेशान करने वाली बीमारी है। एम्स दिल्ली के मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल का कहना है कि हालांकि हम इन बीमारियों को पूरी तरह से रोक नहीं सकते, लेकिन अपनी कोशिशों से इनके मामलों को काफी हद तक कम जरूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि डेंगू होने पर आपको किस चीज से सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।

एक्सपर्ट ने कहा, डेंगू में प्लेटलेट्स ही सब कुछ नहीं हैं

जब भी किसी को डेंगू होता है, तो सबसे पहले सबका ध्यान प्लेटलेट्स काउंट पर जाता है। लोग घबरा जाते हैं कि प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं। लेकिन डॉ. नीरज निश्चल ने एक बहुत ही जरूरी बात बताई है। उन्होंने कहा कि डेंगू में कम प्लेटलेट्स होना सबसे बड़ी चिंता की बात नहीं है। बीमारी कितनी गंभीर है, यह तय करने में प्लेटलेट्स का सबसे बड़ा रोल नहीं होता। इसलिए सिर्फ प्लेटलेट्स गिरने से पैनिक करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
 

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फिर असली खतरा क्या है?

डॉक्टर ने बताया कि डेंगू में सबसे बड़ा रिस्क प्लेटलेट्स का गिरना नहीं, बल्कि हमारी खून की नलियों से फ्लूइड का लीक होना है। जब यह फ्लूइड लीक होता है, तो खून गाढ़ा होने लगता है, जिसे हीमोकंसंट्रेशन कहते हैं। यही वो चीज है जो मरीज को असल में बहुत ज्यादा गंभीर और बीमार बना देती है।
 

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इन डेंजर साइन्स को बिल्कुल न करें इग्नोर

डॉक्टर ने बताया कि डेंगू होने पर ज्यादातर मरीज सिर्फ आराम और लक्षणों के हिसाब से इलाज से ठीक हो जाते हैं। लेकिन आपको कुछ गंभीर वॉर्निंग साइन्स पर पैनी नजर रखनी होगी। अगर मरीज में ये लक्षण दिखें, तो समझें कि मामला सीरियस है, शरीर में कहीं से भी ब्लीडिंग होना। पेट में लगातार और तेज दर्द बने रहना। फेफड़ों या पेट के अंदर फ्लूइड का जमा हो जाना। अगर किसी मरीज में ये लक्षण दिखते हैं, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।

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