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Health Tips: डरें नहीं थायराइड कैंसर लाइलाज नहीं, 5 बड़े मिथक तोड़कर जानें इलाज की सच्चाई

लोगों में थायराइड कैंसर को लेकर कई तरह के भ्रम मिथक फैले हुए हैं। जिस कारण लोग सही से इलाज और जानकारी से वंचित रह जाते हैं। जैसे ही गले में गांठ महसूस होती है या फिर थायराइड की समस्या होती है, तो लोग डर जाते हैं और इंटरनेट पर या फिर सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने लगते हैं। ऐसे में समय रहते लोग डॉक्टर से सलाह नहीं लेते और कई बार गलत इलाज का शिकार हो जाते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, समय पर पहचान और सही इलाज से थायराइड कैंसर का इलाज आसान हो जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको थायराइड कैंसर से जुड़े 5 आम मिथकों और इसके पीछे की सच्चाई के बारे में बताने जा रहे हैं।

थायराइड की दवा खाने से हो जाता है कैंसर

थायरॉइड हार्मोन रिप्लेसमेंट दवा से कैंसर नहीं होता है। बल्कि यह दवाएं शरीर में हार्मोन का संतुलन बनाए रखती है और थायराइड ग्रंथि की समस्या को भी कम करती है।

सिर्फ बुजुर्गों को होता है थायराइड

यह भी एक मिथ है कि थायराइड कैंसर सिर्फ बुजुर्गों को होता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है और खासकर 20-40 साल की उम्र वाली महिलाओं को थायराइड कैंसर का खतरा अधिक रहता है।

रेडिएशन एक्सपोजर से होता है थायराइड कैंसर

हालांकि बचपन में रेडिएशन के संपर्क में आना खतरे को बढ़ा सकता है। लेकिन सिर्फ इसी वजह से थायराइड कैंसर नहीं होता है। हार्मोनल बदलाव, आनुवांशिक कारण और कुछ पर्यावरणीय फैक्टर भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

लाइलाज है थायराइड कैंसर

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक थायराइड कैंसर का इलाज संभव है। सही समय पर इलाज, दवा और सर्जरी से इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। यह सिर्फ एक मिथक है, इसलिए इस पर यकीन न करें।

थायराइड गांठ कैंसर का संकेत

बता दें कि हर थायराइड गांठ कैंसर नहीं होती है। अधिकतर गांठें सौम्य होती हैं और सही जांच जैसे अल्ट्रासाउंड से ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की पुष्टि होती है।
थायराइड कैंसर के बारे में फैली गलत धारणाएं लोगों को डराती हैं और सही जानकारी न होने के कारण सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह और सही जानकारी से आप इस बीमारी से बचाव कर सकते हैं।

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