![]()
Breaking News
📰 कलेक्टरेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला…
📰 जनपद में बहुप्रतीक्षित जिला कारागार निर्माण के लिए शासन ने हरी झंडी दे दी…
📰 कलेक्टरेट सभागार में बुधवार को सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों एवं निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों का…
T20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत में अब गिनती के दिन ही बचे हैं, लेकिन…
गुरुवार को वडोदरा के कोटाम्बी स्थित बीसीए स्टेडियम में खेले गए 2026 महिला प्रीमियर लीग…
विशाखापत्तनम में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले के बाद भारतीय टीम पूरी तरह निराश भी…
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अंडर-19 विश्व कप से टीम के बाहर होने के बाद अंतरराष्ट्रीय…
ऑस्ट्रेलियन ओपन के इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में शामिल हो गया है। मेलबर्न के…
जोरदार शॉट्स, आत्मविश्वास से भरे कदम और बड़े मंच पर दबाव झेलने की काबिलियत ने…
चीन के फुटबॉल में लंबे समय से चल रही गड़बड़ियों पर आखिरकार बड़ा एक्शन देखने…
भारत के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा आत्ममंथन का मौका लेकर आया है। एशिया कप 2025 में 200 की स्ट्राइक रेट से सबसे ज्यादा रन बनाकर विरोधी गेंदबाजों को बेहाल करने वाले अभिषेक को आखिरकार ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने रोकने का रास्ता खोज लिया है। गौरतलब है कि हाल ही में खत्म हुई पांच मैचों की T20 सीरीज में अभिषेक ने 163 रन बनाए, लेकिन उनका खेल पहली बार कमजोरियों के साथ सामने आया है।
बता दें कि इस दौरे पर भी उन्होंने शानदार शुरुआत की थी और मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर 37 गेंदों में 68 रनों की पारी खेली थी। हालांकि, पूरे सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने उनके खिलाफ एक साफ़ रणनीति अपनाई। खासकर नाथन एलिस ने अपनी गति में बदलाव और शरीर पर गेंद डालकर अभिषेक को परेशान किया। एमसीजी पर एलिस की एक गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट होना उसी रणनीति का नतीजा था। पहले कुछ धीमी और शॉर्ट गेंदें डालने के बाद एलिस ने फुल लेंथ पर सीधी गेंद डाली, जिस पर अभिषेक फंस गए।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी योजना का मुख्य उद्देश्य था अभिषेक को शॉट खेलने की जगह और समय न देना। जब गेंदबाजों ने उनके शरीर पर बॉल फेंकी और गति में विविधता लाई, तब उनकी फ्लैट बैट स्विंग काम नहीं आई। यह भी देखा गया कि जब पिच धीमी हो गई और गेंद स्पिन लेने लगी, तब उनकी आक्रामक शैली थोड़ी सीमित हो गई। गोल्ड कोस्ट पर एडम ज़म्पा ने उन्हें 28 रनों पर आउट कर इस कमजोरी को और उजागर किया।
दरअसल, अभिषेक की सबसे बड़ी ताकत उनका आक्रामक स्वभाव है, लेकिन वही कभी-कभी कमजोरी बन जाती है। वे मुश्किल वक्त में भी स्ट्राइक रेट कम नहीं करते और गेंदबाजों पर लगातार हमला करते रहते हैं। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें नियंत्रण में रखने का तरीका खोज लिया है।
गौरतलब है कि अभिषेक शर्मा की गिनती भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में होती है और एशिया कप में उनका प्रदर्शन असाधारण रहा था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की इस रणनीति ने बाकी टीमों को यह बता दिया है कि उन्हें कैसे रोका जा सकता है।
जानकारों का मानना है कि यह उनके करियर का एक अहम मोड़ है। अब अभिषेक के सामने चुनौती यह है कि वे इस नई परीक्षा से कैसे सीखते हैं और अपने खेल में कितनी परिपक्वता लाते हैं। अभी तक उन्होंने यह साबित किया है कि उनमें बड़ी पारी खेलने की क्षमता है, अब उन्हें यह दिखाना होगा कि वे हालात के हिसाब से अपने खेल को ढालने में भी सक्षम हैं। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह युवा बल्लेबाज इस चुनौती का सामना कैसे करता है, क्योंकि टीम इंडिया को आने वाले टी20 विश्व कप से पहले उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।
