📰 इब्राहीमपट्टी में युवकों की मौत के मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन, सदर जम की आशंका दूर हुई, बलिया।
🚨 इब्राहीमपट्टी में युवकों की मौत के विरोध में गुरुवार दोपहर परिजनों और ग्रामीणों ने किड़िहरापुर-मधुबन मार्ग जाम कर दिया। यह जाम इब्राहीमपट्टी नहर चौक पर करीब पांच घंटे तक चला। रसड़ा के सीओ आलोक गुप्ता के मौके पर पहुंचने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। इस दौरान भीमपुरा और उभांव पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
🚧 बताते चलें कि मंगलवार को विक्की पटेल का शव एक पेड़ से लटका मिला था, परिवार ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया। मृतक के पिता राजेश पटेल ने दावा किया कि उनके बेटे की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया है, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके।
🔍 राजेश पटेल ने स्थानीय पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उन्हें गांव वालों से सूचना मिली थी कि विवेक का शव सागवान के पेड़ पर लटका हुआ है। घटनास्थल पर पहुंचने पर उन्हें लगा कि यह हत्या का मामला है। उन्होंने तुरंत पुलिस चौकी प्रभारी और थाना प्रभारी को सूचना दी।
🚔 परिजनों का आरोप है कि पुलिस चौकी मात्र 300 मीटर दूर होने के बावजूद घटनास्थल पर दो घंटे देरी से पहुंची। इसके अलावा, पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और पंचनामा के बिना ही शव को पेड़ से उतारवा लिया। शव को एक पिकअप वाहन में लादकर दो नाबालिग बच्चों के साथ थाने भेज दिया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पंचनामा पुलिस चौकी पर बुलाकर लिखवाया गया, और दीवान ने अपने मुंह से बोलकर तहरीर लिखवाई, जिस पर उनसे दस्तखत करा लिए गए।
📞 राजेश पटेल ने भीमपुरा थाना प्रभारी पर बिना किसी साक्ष्य के यह बयान देने का आरोप भी लगाया कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
📱 पीड़ित परिवार ने मांग की है कि पुलिस के पास मौजूद विवेक पटेल के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाली जाए। इसके साथ ही, घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जाए। राजेश पटेल ने पुलिस चौकी प्रभारी और थाना प्रभारी पर अविश्वास व्यक्त किया है।
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