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Qatar Open Final में Carlos Alcaraz का तूफान, 50 मिनट में फिल्स को रौंदकर जीता खिताब

दोहा से आई ताजा खेल खबर ने टेनिस प्रेमियों का ध्यान खींच लिया है। स्पेन के युवा सितारे कार्लोस अल्काराज ने कतर ओपन 2026 के फाइनल में फ्रांस के आर्थर फिल्स को एकतरफा अंदाज में हराकर खिताब अपने नाम कर लिया है। मुकाबला महज 50 मिनट चला, जो उनके करियर के पूरे हुए मुकाबलों में सबसे छोटी अवधि की जीत मानी जा रही है।
बता दें कि शीर्ष वरीयता प्राप्त अल्काराज ने शुरू से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने सात में से पांच ब्रेक प्वाइंट को भुनाया और 6-2, 6-1 से सीधी जीत दर्ज की है। मौजूद जानकारी के अनुसार यह इस सत्र में उनकी लगातार 12वीं जीत है। इससे पहले वह पिछले महीने ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब भी जीत चुके हैं।
गौरतलब है कि 22 वर्षीय अल्काराज पिछले साल इसी टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गए थे। इस बार उन्होंने किसी तरह की चूक नहीं की। मैच के बाद उन्होंने कहा कि वह इस साल और ज्यादा भूख और जोश के साथ कोर्ट पर उतरे हैं। मानसिक रूप से मजबूत रहना आसान नहीं था, लेकिन टीम के सहयोग से उन्होंने शानदार शुरुआत की है।
मेलबर्न में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के केवल 20 दिन बाद आई यह जीत उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करती है। मुकाबले की शुरुआत में ही उन्होंने फिल्स की सर्विस तोड़ दी और पहला सेट सिर्फ 28 मिनट में खत्म कर दिया है।
दूसरे सेट में भी दबदबा कायम रहा। जब अल्काराज ने 3-0 की बढ़त बनाई तो फिल्स की निराशा साफ दिखी और उन्होंने गुस्से में रैकेट पटक दिया। हालांकि फिल्स ने एक गेम जीतकर दर्शकों की तालियां बटोरीं, लेकिन वह वापसी नहीं कर सके हैं।
पूरे मैच में अल्काराज ने 18 विनर लगाए, जबकि फिल्स केवल तीन ही लगा पाए हैं। खास बात यह रही कि अल्काराज ने एक भी ब्रेक प्वाइंट नहीं गंवाया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार यह फाइनल पिछले वर्ष के सबसे छोटे फाइनल से भी कम समय में खत्म हुआ है, जब स्टॉकहोम में 68 मिनट में खिताबी मुकाबला समाप्त हुआ था।
विश्व रैंकिंग में 40वें स्थान पर काबिज फिल्स पिछले साल पीठ की चोट के कारण करीब आठ महीने बाहर रहे थे। मैच के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए अल्काराज की तारीफ की और उन्हें शानदार चैंपियन बताया है।
टेनिस जानकारों का मानना है कि जिस तरह से अल्काराज ने साल की शुरुआत की है, वह आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी खिताब के प्रबल दावेदार बने रहेंगे। फिलहाल दोहा में मिली यह जीत उनके बढ़ते कद और निरंतरता का प्रमाण बन गई है।

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