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सबको खुश करने नहीं बल्कि सही निर्णय लेने के लिए यहां हूं: Gautam Gambhir

हैमिल्टन, एक नवंबर भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रविवार को कहा कि उनका काम सबको खुश करना नहीं है और लोकप्रिय फैसलों के बजाय सही फैसले लेना है। भारत के पास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को खास मौके नहीं मिल रहे हैं क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा शीर्ष क्रम में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में भारत को टी20 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले आधिकारिक प्रसारक से कहा, ‘‘पहली बात तो यह है कि मेरा काम सबको खुश करना नहीं है। मेरा काम सही फैसले लेना है, न कि लोकप्रिय फैसले।

इसी के लिए मैं यहां हूं।’’
उन्होंने कहा कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करना भी ड्रेसिंग रूम में सुरक्षा की भावना सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। गंभीर ने कहा, ‘‘लोकप्रिय फैसला करना बहुत आसान होता है लेकिन मेरे लिए महत्वपूर्ण बात सही फैसले करना और यह सुनिश्चित करना है कि ड्रेसिंग रूम में पर्याप्त सुरक्षा हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जैसा आपने कहा कि टीम के पास बहुत प्रतिभा है लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि जो खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं वे निश्चित रूप से अधिक अवसर के हकदार हैं। इस श्रृंखला में हम यही दृष्टिकोण अपना रहे हैं।’’
भारत ने पहले तीन मैच जीतकर न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला अपने नाम कर ली है।

गंभीर से पूछा गया कि श्रृंखला का परिणाम पहले ही तय हो जाने के बाद वह खिलाड़ियों को कैसे प्रेरित करेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘जब आप देश के लिए खेल रहे होते हैं तो किसी तरह की आत्मसंतुष्टि नहीं होती है। हर कोई जानता है कि कुछ भाग्यशाली खिलाड़ियों को देश की तरफ से खेलने का मौका मिलता है। मेरा मानना है कि हर मैच कुछ अलग करने, कुछ सीखने और खुद को बेहतर बनाने का मौका होता है।’’
भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम व्यस्त कार्यक्रम के बाद न्यूजीलैंड पहुंची है।

उसने हाल में अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाएं खेलने के साथ एशियाई खेलों में भी भाग लिया था। गंभीर ने कहा, ‘‘हमें बहुत ही कम समय मिला। हमने 17 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतिम मैच खेला और 18 अक्टूबर को हमने यहां के लिए उड़ान भर दी।

हम केवल एक सत्र में ही अभ्यास कर पाए। खिलाड़ियों ने जिस तरह से परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला, वह काबिलेतारीफ है।’’

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