मेलबर्न टेस्ट में भले ही भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार झेलनी पड़ी हो। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई जमीं पर टीम इंडिया के बैट्समैन का विवादित तरीके से आउट होना कई सवाल खड़े करता है। पहले केएल राहुल और अब यशस्वी जायसवाल को विवादस्पद तरीके से आउट दिये जाने के फैसले ने हंगामा खड़ा कर दिया है। लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने गेंद के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को छ्रकर निकलने का अनुमान लगाते हुए कहा कि तकनीक से जुड़े ऐसे करीबी मामलों में फैसले अक्सर उनकी टीम के खिलाफ जाते हैं। स्निको (आवाज की रीडिंग दिखाने वाली तकनीक) पर कोई हरकत नहीं दिखने के बाद भी थर्ड अंपायर सैकत शरफुद्दौला ने जायसवाल को आउट करार दिया। वह उस समय 84 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे।
बता दें कि, जायसवाल तेज गेदंबाज पैट कमिंस की शॉर्ट-पित गेंद पर हुक करने की कोशिश में चूक गए। गेंद विकेटकीपर एलेक्स कैरी के दस्तानों में जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने कैच आउट की अपील की लेकिन मैदान अंपायह जोएल विल्सन ने बल्लेबाज को नॉट आउट करार दिया। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान कमिंस ने इस फैसले के खिलाफ रिव्यू लिया और थर्ड अपंयार सैकत ने स्निको में कोई हरकत नहीं दिखने के बावजूद जायसवाल के बल्ले या ग्लव्स से टकराकर गेंद के डिफ्लेक्ट होने का हवाला देकर उन्हें आउट कर दिया। उनके इस फैसले के बाद मेलबर्न क्रिकेट मैदान में मौजूद भारतीय फैंस बेईमान-बेईमान के नारे लगाने लगे।
वहीं जायसवाल के आउट होने पर जब रोहित शर्मा से पूछा गया तो वह भावुक होने की जगह ज्यादा व्यावहारिक दिखे। उन्होंने कहा कि, मुझे नहीं पता कि इसका क्या मतलब निकाला जाए क्योंकि तकनीक ने कुछ भी नहीं दिखाया लेकिन आंखों से ऐसा लग रहा था गेंद उसे छूकर निकली है। उन्होंने कहा कि, मुझे नहीं पता कि अंपायर तकनीक का इस्तेमाल कैसे करना चाहते हैं। लेकिन पूरी निष्पक्षता से मुझे लगता है कि उन्होंने गेंद को छुआ था। भारतीय कप्तान ने हालांकि, इस बात पर निराशा जताई की उनकी टीम को अक्सर ऐसे फैसलों का खामियाजा भुगतना पड़ता है। रोहित ने कहा कि, ये उस तकनीक के बारे में है जिसके बारे में हम सभी जानते हैं कि वह 100 प्रतिशथ नहीं है। लेकिन फिर भी हम वास्तव में उस पर बहुत ज्यादा गौर नहीं करना चाहते हैं।