भारतीय जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने सोमवार को यहां इंडोनेशिया के अहनाफ रफली शिदकी को हराकर एशियाई पैरा खेलों की पुरुषों की जे1-70 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले कपिल को सेमीफाइनल में एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। प्लेऑफ मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की।
जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। कपिल की मां की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है।
भावुक कपिल ने कहा, ‘‘मैं यहां स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से आया था, लेकिन कांस्य पदक ही जीत सका। स्वर्ण पदक के मामले में आज किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन मैं इस कांस्य पदक के लिए आभारी हूं। मैंने बहुत मेहनत की है और लंबे समय बाद यह मेरा पहला पदक है।’’
जे1 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
इसमें पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ियों से लेकर ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जिन्हें रोशनी का बहुत कम आभास होता है। कपिल ने 2024 पैरालंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा वह 2019 राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रहे थे।
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