Breaking News

Australian Open 2026 में स्टेन वावरिंका का जुझारूपन, 40 की उम्र में रचा इतिहास

मेलबर्न पार्क में खेले गए दूसरे दौर के मुकाबले में 40 वर्षीय स्टेन वावरिंका ने अपने से लगभग आधी उम्र के फ्रांसीसी खिलाड़ी आर्थर जिया के खिलाफ पांच सेटों तक चले संघर्ष में जीत दर्ज की। यह मुकाबला चार घंटे 33 मिनट तक चला और वावरिंका ने 4-6, 6-3, 3-6, 7-5, 7-6 (10-3) से जीत हासिल की है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह मुकाबला शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बेहद थकाऊ रहा।
गौरतलब है कि मैच के दौरान कई ऐसे पल आए, जब लगा कि उम्र और थकान स्विस खिलाड़ी पर भारी पड़ सकती है। तीसरे घंटे में, दो सेट से एक सेट पीछे चल रहे वावरिंका ने एक ऐसा बैकहैंड विनर लगाया, जिसने दर्शकों को 2014 के ऑस्ट्रेलियन ओपन की याद दिला दी है, जब उन्होंने राफेल नडाल को हराकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था। खेल की धार भले ही पहले जैसी न हो, लेकिन जुझारूपन अब भी वैसा ही दिखाई दिया।
इस जीत के साथ वावरिंका ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। वह 1978 के बाद पहले ऐसे खिलाड़ी बने हैं, जो 40 वर्ष की उम्र में किसी ग्रैंड स्लैम के तीसरे दौर में पहुंचे हैं। इससे पहले यह कारनामा केन रोज़वॉल ने किया था। यह उपलब्धि आधुनिक टेनिस में उनकी फिटनेस और मानसिक मजबूती को दर्शाती है।
वावरिंका ने मैच के बाद कहा कि यह उनका आखिरी ऑस्ट्रेलियन ओपन है और वह चाहते हैं कि इस सफर को जितना लंबा खींच सकें, उतना बेहतर है। उन्होंने साफ कहा कि वह हर मैच में आखिरी दम तक लड़ेंगे और कोर्ट पर सब कुछ छोड़कर उतरेंगे हैं। यही सोच उनके पूरे करियर की पहचान रही है।
गौरतलब है कि तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले वावरिंका ने बिग थ्री के दौर में भी नडाल और जोकोविच जैसे दिग्गजों को फाइनल में हराया है। मौजूदा सीजन से पहले उनका फॉर्म खास नहीं रहा था और 2025 में उनका रिकॉर्ड भी कमजोर रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार मानने से इनकार किया है।
पांचवें सेट और मैच टाईब्रेकर में युवा खिलाड़ी जिया शारीरिक रूप से जूझते नजर आए, जबकि वावरिंका ने अनुभव का पूरा फायदा उठाया है। मैच के अंत में उन्होंने शानदार वॉली और सटीक लाब्स के जरिए मुकाबले को अपने नाम किया है।
अब अगले दौर में उनका सामना नौंवे वरीय टेलर फ्रिट्ज से होना है। यह मुकाबला आसान नहीं होने वाला है, लेकिन मौजूदा टूर्नामेंट में वावरिंका ने यह दिखा दिया है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और जज़्बा अब भी उतना ही मजबूत है। ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में उनका यह सफर उनके लंबे और संघर्षपूर्ण करियर की सटीक तस्वीर पेश कर रहा है।

Loading

Back
Messenger