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भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह पर तमाचा, NIA कोर्ट के फैसले पर एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मालेगांव विस्फोट मामले में सभी सात आरोपियों को बरी करने के एनआईए अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को “काफी लंबे समय तक” जेल में रखा गया था। मीडिया से बात करते हुए शिंदे ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि यह उन लोगों के मुँह पर तमाचा है जिन्होंने इस घटना को भगवा आतंकवाद कहा था। उन्होंने कहा कि मैं इस फैसले का स्वागत करता हूँ। 17 साल हो गए हैं। निर्दोष लोगों को काफी लंबे समय तक जेल में रखा गया। यह आज के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मालेगांव ने उन्हें निर्दोष करार दिया है।

उन्होंने यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब महाराष्ट्र में आतंकवादी हमले हो रहे थे, उस समय उनकी सरकार थी। एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैं आपको एक बात याद दिलाना चाहता हूँ: जब महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी हमले हो रहे थे, तब यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार सत्ता में थी। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद का कोई रंग, धर्म या नाम नहीं होता, लेकिन मालेगांव विस्फोट के संदर्भ में, उन्होंने इसे ‘भगवा आतंकवाद’ घोषित कर दिया। यह ‘भगवा’ और हिंदुत्व को बदनाम करने की उनकी साजिश थी। यह उन लोगों के मुँह पर तमाचा है जिन्होंने इसे भगवा आतंकवाद कहा था।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले की बृहस्पतिवार को सराहना करते हुए कहा आतंकवादन कभी भगवा था और न कभी होगा। विपक्षी दल कांग्रेस ने फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को विस्फोट में निर्दोष लोगों की जान जाने पर कोई पछतावा नहीं है और अदालत के फैसले पर उनकी प्रतिक्रिया ने उनकी राजनीतिक मानसिकता दिखाई है। 

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