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Bangladesh Infiltrators को जल्द से जल्द छोड़ना होगा India, Amit Shah का गुस्सा भड़का, बोले- भारत कोई धर्मशाला नहीं है

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र में कोल्हापुर की जनसभा के माध्यम से पूरे दमखम के साथ बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों से साफ साफ कह दिया है कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा है कि देश में अवैध रूप से घुसकर रहने वाले हर घुसपैठिये की पहचान होगी और उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। अमित शाह ने साफ चेतावनी दी है कि जो लोग स्वेच्छा से अपने देश लौट जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन जो कानून को चुनौती देंगे, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव लगातार गहराता जा रहा है और घुसपैठ का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा के केंद्र में पहुंच चुका है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक वोट बैंक की राजनीति के लिए अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दिया गया, जिसके कारण सीमावर्ती इलाकों की जनसंख्या संरचना तेजी से बदली। अमित शाह ने कहा कि यह केवल अवैध प्रवास का मामला नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और राष्ट्रीय पहचान पर सीधा हमला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और हर घुसपैठिये को चिन्हित करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है।

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हम आपको यह भी बता दें कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर नया विवाद खड़ा हो गया है। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने दावा किया है कि भारत की सीमा सुरक्षा बल ने मेहरपुर क्षेत्र में चार लोगों को बांग्लादेश में धकेलने की कोशिश की। बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार, उनकी चौकसी के कारण यह प्रयास विफल हो गया और एक पुरुष तथा तीन महिलाएं अब दोनों देशों के बीच नो मैन्स लैंड में फंसी हुई हैं। बांग्लादेश का कहना है कि उसके जवान और स्थानीय ग्रामीण लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी अवैध प्रवेश को रोका जा सके।
हालांकि भारत लगातार यह कहता आया है कि उसने बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है और उनकी नागरिकता की पुष्टि के लिए बांग्लादेश से सहयोग मांगा गया है। लेकिन ढाका की ओर से देरी के कारण इन लोगों की वापसी अटकी हुई है। यही कारण है कि सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई गहरी होती जा रही है।
बहरहाल, भारत अब उस दौर में प्रवेश कर चुका है जहां राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। अवैध घुसपैठियों को यह समझ लेना चाहिए कि भारत की धरती पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा जमाने का दौर खत्म हो चुका है। देश की सीमाओं को चुनौती देने वालों के लिए अब कानून का डंडा तैयार है। यह नया भारत है, जो घुसपैठ, जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने की साजिश और सीमा पार से होने वाली हर हरकत का जवाब पूरी सख्ती और निर्णायक कार्रवाई से देगा।

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