भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और उनके तीन साथी आज, गुरुवार को सफलतापूर्वक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंच गए हैं। उनका अंतरिक्ष यान ‘ड्रैगन’ भारतीय समयानुसार दोपहर 4:01 बजे उत्तरी अटलांटिक महासागर के ऊपर से गुजरते हुए अंतरिक्ष प्रयोगशाला से जुड़ा। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक पल है, क्योंकि यह पहली बार है जब कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री ISS की यात्रा पर गया है।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के एक लाइव वीडियो में ‘ड्रैगन’ अंतरिक्ष यान को ISS के पास आते हुए दिखाया गया, और ‘डॉकिंग’ (जुड़ने) की पूरी प्रक्रिया शाम 4:15 बजे तक पूरी हो गई। बता दें, एक्सीओम-4 (Axiom-4) मिशन के तहत ये अंतरिक्ष यात्री बुधवार को फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से अपनी ISS यात्रा पर निकले थे। यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ISS पहुंचे
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अब अंतरिक्ष यात्री बन चुके शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से सफलतापूर्वक जुड़कर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक क्षण को लाइव देखते हुए उनका परिवार, विशेष रूप से उनकी मां, आशा शुक्ला, भावुक हो उठीं और खुशी के आंसू उनकी आंखों से छलक पड़े। यह नजारा उत्तर प्रदेश के लखनऊ से आया, जहां पूरा परिवार इस उपलब्धि का गवाह बना।
शुभांशु शुक्ला के पिता बोले, मेरा बच्चा सफल रहा, भगवान का बहुत आभारी हूं
शुभांशु के पिता, शंभू दयाल शुक्ला ने Axiom-4 मिशन के ISS से सफल डॉकिंग पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘हम बहुत खुश हैं। हमें बहुत अच्छा लग रहा है। मेरे बच्चे की डॉकिंग सफल रही। हम भगवान के बहुत आभारी हैं। हमने भगवान से प्रार्थना की थी और उन्होंने हमारे बच्चे को भरपूर आशीर्वाद दिया है।’
#WATCH | Lucknow, UP: On successful docking of #AxiomMission4 to ISS, IAF Group Captain & astronaut #ShubhanshuShukla’s father, Shambhu Dayal Shukla, says, “We are delighted. We feel great. My child had a successful docking. We are very thankful to God. We had prayed to God and… pic.twitter.com/t0lKdRj2FE
— ANI (@ANI) June 26, 2025
अंतरिक्ष में भारत का नया सितारा है ‘शुभांशु शुक्ला’
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के एक अनुभवी फाइटर पायलट हैं, जिन्होंने अब अंतरिक्ष यात्री के रूप में इतिहास रच दिया है। लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जन्मे शुभांशु, उन चार भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं जिन्हें इसरो के गगनयान मिशन के लिए चुना गया था। हाल ही में, उन्होंने एक्सीओम-4 (Axiom-4) मिशन के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की सफल यात्रा की। उनका ‘ड्रैगन’ अंतरिक्ष यान 26 जून, 2025 को ISS से सफलतापूर्वक जुड़ा। यह एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि शुभांशु ISS पहुंचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं। वे राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय भी हैं, जिन्होंने 1984 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
शुभांशु शुक्ला का यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह गगनयान मिशन की तैयारी में भी सहायक होगा। ISS पर अपने 14 दिनों के प्रवास के दौरान, वे विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लेंगे, जिनमें से कुछ भारत द्वारा डिज़ाइन किए गए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है, और उनके परिवार ने भी अपनी खुशी और भावनाओं को व्यक्त किया है।