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UP में 75 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, Yogi Govt ने खत्म की प्रीपेड Smart Meter की अनिवार्यता

उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर का अनिवार्य उपयोग समाप्त कर दिया है और पोस्टपेड बिलिंग प्रणाली को फिर से लागू किया है। इस कदम से राज्य भर में लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। सभी बिजली कनेक्शन अब पोस्टपेड मोड में काम करेंगे, जिससे उपभोक्ता पहले की प्रणाली के अनुसार उपयोग के बाद बिल का भुगतान कर सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मासिक बिलिंग 15 दिनों की भुगतान अवधि के साथ फिर से शुरू होगी। हालांकि, नए बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के साथ जारी किए जाते रहेंगे, जो पोस्टपेड मोड में काम करेंगे। तकनीकी खामियों और उपभोक्ताओं की बार-बार शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है। पिछले एक साल में प्रीपेड मोड में बदले गए लगभग 75 लाख कनेक्शन अब वापस पोस्टपेड में बदल दिए जाएंगे। पुराने मीटरों को प्रीपेड स्मार्ट मीटरों से बदलने की चल रही प्रक्रिया को भी फिलहाल रोक दिया गया है।

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यह निर्णय उपभोक्ताओं में व्याप्त असंतोष के बीच आया है, जिन्होंने बढ़े हुए बिल, रिचार्ज के बावजूद कनेक्शन बहाल होने में देरी और लगातार तकनीकी खराबी को लेकर चिंता जताई थी। राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। चुनाव के दौरान बढ़ते जन आक्रोश के मद्देनजर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बाद में घोषणा की कि सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में काम करेंगे और मासिक बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाएंगे। शर्मा ने कहा कि बिलिंग चक्र पहले की पोस्टपेड प्रणाली के समान ही रहेगा। उपभोक्ताओं को एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से मासिक बिल प्राप्त होंगे और भुगतान करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

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संशोधित प्रणाली के तहत, प्रत्येक माह की पहली से अंतिम तिथि तक की खपत के लिए बिजली बिल जेनरेट किए जाएंगे और 10 तारीख तक वितरित किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को बिल जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा, जिसमें देय तिथि स्पष्ट रूप से बताई जाएगी।

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