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बिहार की राजनीति में गुरुवार शाम नया मोड़ तब आया जब महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया हैं। पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा अशोक गहलोत ने की। इसी दौरान विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया हैं और बताया गया है कि एक और डिप्टी सीएम का नाम आगे चलकर घोषित किया जाएगा।
गौरतलब है कि सीट बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रही गहमागहमी और कई चरणों की वार्ताओं के बाद यह फैसला सार्वजनिक हुआ हैं। कांग्रेस की ओर से यह भी संदेश दिया गया कि इंडिया गठबंधन किसी एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षा नहीं बल्कि साझा नेतृत्व और परस्पर सम्मान पर आधारित राजनीतिक प्रयास हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार फिलहाल कुछ सीटों पर RJD और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि कुछ सीटों पर CPI जैसे छोटे सहयोगियों के साथ सीधी टक्कर की स्थिति बन रही है।
इधर भाजपा खेमे की प्रतिक्रिया भी तेजी से सामने आई हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद ने कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों को उम्मीदवारों के टकराव में धकेलकर अपने बेटे को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कराया हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए “काला दिन” बताते हुए आरोप लगाया कि RJD के शासन का मतलब “लूट, डर और भ्रष्टाचार” से भरे पुराने दौर की वापसी हैं।
बता दें कि महागठबंधन अब यह दबाव भी बना रहा है कि NDA अपनी ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा सार्वजनिक करे। अशोक गहलोत ने स्पष्ट कहा कि यह चुनाव किसी अनिश्चित नेतृत्व के तहत नहीं लड़ा जाएगा और जनता के सामने जवाबदेही तय होना ज़रूरी हैं। बिहार की सियासी हवा फिलहाल और गर्म होती दिख रही है और आने वाले दिनों में मुकाबला आर-पार का होने जा रहा हैं।
