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बिहार पुलिस वायरलेस सिस्टम एवं मोबाइल सिस्टम को सुदृढ़ करने में जुट गई है। विधानसभा चुनाव से पहले इसे पूरी तरह ठीक कर लेने की कार्ययोजना पर पुलिस महकमा की वायरेस संचार इकाई जुटी हुई है और इससे जुड़े सभी पहलुओं को मूर्तरूप देने में जुटा हुआ है। राज्य के सभी शैडो जोन (बिना नेटवर्क वाले क्षेत्र) की पहचान कर इन्हें ठीक करने की कवायद की जा रही है। राज्य के उन जिलों या प्रखंडों में शैडो जोन की पहचान करने के लिए सभी थानों को निर्देश दिया गया है। जिन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, वहां मोबाइल कंपनियों से बात करके टॉवर लगाने की पहल की जाएगी या पुलिस की वायरलेस प्रणाली विकसित करने को लेकर समुचित व्यवस्था की जाएगी।
इस मामले में एडीजी (संचार एवं तकनीकी सेवा) एनके आजाद ने बताया कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए शैडो जोन चिन्हित करके वायरलेस सेवा या मोबाइल संचार प्रणाली विकसित की जाएगी। ताकि चुनाव में किसी तरह का व्यावधान पैदा नहीं हो। संचार प्रणाली के सही तरीके से काम करने से चुनाव में किसी तरह की समस्या नहीं होगी और किसी विषम परिस्थिति में तुरंत संचार सेवा स्थापित कर उचित समय पर तमाम राहत एवं बचाव सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। चुनाव के पहले तक ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर यहां संचार सेवा मुहैया करा दी जाएगी।
संचार सेवा में सुधार लाने के लिए पुलिस महकमे की सभी टेलीफोन कंपनी ऑपरेटरों के साथ बैठक भी हो चुकी है। इसमें सभी टेलीफोन कंपनियों से भी कहा गया है कि वे अपने स्तर से कमजोर या बिना नेटवर्क वाले शैडो जोन की पहचान कर उन्हें ठीक करें। टेलीफोन टॉवर की जहां जरूरत है, वहां इन्हें बड़े स्तर पर लगाएं।
