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केंद्र की बाधाएं और भ्रामक राजनीति तमिलनाडु की प्रगति को नहीं रोक पाएगी, स्टालिन ने साधा निशाना

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2025 को एक वीडियो संदेश के ज़रिए संबोधित करते हुए कहा कि राज्य द्रविड़ मॉडल 2.0 के तहत 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। व्यक्तिगत रूप से शामिल न हो पाने की वजह बताते हुए स्टालिन ने कहा कि वह सोमवार को ही अपनी यूरोप यात्रा से लौटे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने इसमें शामिल होने और तमिलनाडु के विकास की योजनाओं पर बात करने की योजना बनाई थी। 

स्टालिन ने ज़ोर देकर कहा कि तमिलनाडु भारत का औद्योगिक पहलुओं में नंबर 1 राज्य और देश का विकास इंजन है।” उन्होंने इस प्रगति का श्रेय सामाजिक न्याय, समानता, संघवाद और समावेशिता पर आधारित द्रविड़ शासन मॉडल को दिया। हमारा आदर्श वाक्य है कि तमिलनाडु के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, उत्पीड़ित वर्ग और महिलाओं को सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए। समानता केवल एक शब्द नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कर्म में भी झलकनी चाहिए।

स्थानों के नामों से जातिगत पहचान और “कॉलोनी” जैसे दमनकारी शब्दों को हटाने के सरकार के फैसले का हवाला देते हुए, स्टालिन ने कहा कि ऐसे कदमों से समानता का विरोध करने वालों में गुस्सा है। उन्होंने कहा, “जो लोग तमिलनाडु के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, वे अफवाहें फैला रहे हैं। लेकिन उन्हें पीछे धकेलते हुए, हम अपनी यात्रा जारी रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संघवाद और राज्य की स्वायत्तता के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। सम्मेलन में वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु की टिप्पणी का हवाला देते हुए, स्टालिन ने कहा कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के साथ वित्तीय भेदभाव किया है।

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