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Delhi Court ने Aishe Ghosh के खिलाफ जारी Non-Bailable Warrant पर लगाई रोक, जानिए क्या है पूरा मामला

पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को SFI की जॉइंट सेक्रेटरी आइशी घोष के खिलाफ पहले जारी किए गए गैर-जमानती वारंट (NBW) पर रोक लगा दी। कोर्ट ने बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन में 2021 में दर्ज एक मामले में उनके खिलाफ NBW जारी किया था।
आरोप है कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया और इस तरह सरकारी अधिकारी के आदेश का उल्लंघन किया। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) विजयश्री राठौर ने सुनवाई की अगली तारीख तक आइशी घोष के खिलाफ जारी NBW पर रोक लगा दी।
NBW को रद्द करने के लिए एक अर्जी दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि कुछ अपरिहार्य कारणों से आवेदक सुनवाई की पिछली तारीख पर पेश नहीं हो सकीं। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख तक NBW पर रोक लगा दी और उन्हें 30 जुलाई को अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया।

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वकील केएन जयशंकर, सुभाष चंद्रन केआर और जैमन एंड्रयूज़। 11 अप्रैल, 2026 को NBW (गैर-जमानती वारंट) जारी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ जारी NBW की रिपोर्ट बिना तामील हुए वापस आ गई है। बताया गया कि वह दिए गए पते पर नहीं मिलीं। हालांकि, उन्हें फोन पर तारीख के बारे में जानकारी दी गई थी।

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इसके बाद, कोर्ट ने DCP के ज़रिए आइशे घोष के खिलाफ़ नया NBW जारी किया और मामले की सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय की। आइशे घोष JNU छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की सदस्य थीं। उन्होंने 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जमुड़िया निर्वाचन क्षेत्र से CPI उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था, लेकिन वह हरेराम सिंह से हार गईं।

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