Breaking News

‘जो सिंदूर मिटाएगा, उसका मिटना तय है’, PM बोले- आतंक फैलाने वालों ने सपनों में भी नहीं सोचा होगा कि…

दाहोद में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब कोई हमारी बहनो के सिन्दूर को मिटाएगा, तो उसका भी मिटना तय हो जाता है। आतंक फैलाने वालों ने सपनों में भी नहीं सोचा होगा मोदी से मुकाबला कितना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने जो किया, उसके बाद क्या भारत चुप बैठ सकता था? क्या मोदी चुप बैठ सकते थे? जब कोई हमारी बहनों और माताओं के माथे से सिंदूर मिटाता है, तो उसका मिटाना भी पक्का हो जाता है। 
 

इसे भी पढ़ें: 26 May 2014 को Modi पहली बार बने थे Prime Minister, अब उनके तीसरे कार्यकाल की पहली वर्षगाँठ पर बड़े जश्न की तैयारी में जुटा NDA

मोदी ने साफ तौर पर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ़ सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह भारतीयों के मूल्यों और भावनाओं की अभिव्यक्ति है। आतंकवाद फैलाने वालों ने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि मोदी से दुश्मनी कितनी कठिन हो सकती है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने 140 करोड़ भारतीयों को चुनौती दी थी। इसलिए मोदी ने वही किया, जिसके लिए देशवासियों ने मुझे प्रधान सेवक की जिम्मेदारी दी है।
उन्होंने कहा कि मोदी ने अपनी तीनों सेनाओं को खुली छूट दी और हमारे शूरवीरों ने वो कर दिखाया, जो दुनिया ने पिछले कई दशकों से नहीं देखा था। हमने सीमापार चल रहे 9 आतंकी ठिकानों को ढूंढ निकाला और 22 तारीख को उन्होंने जो खेल खेला था, 6 तारीख की रात को 22 मिनट में हमने उन्हें मिट्टी में मिला दिया। उन्होंने कहा कि भारत की इस कार्रवाई से बौखलाकर जब पाकिस्तानी सेना ने दुस्साहस दिखाया, तो हमारी सेनाओं ने पाकिस्तानी फौज को भी धूल चटा दी।
 

इसे भी पढ़ें: गुजरात को PM Modi का तोहफा, बोले- देश ने दशकों पुरानी बेड़ियों को तोड़ा है

प्रधानमंत्री ने कहा कि विभाजन के बाद, नवगठित देश का एक ही लक्ष्य था – भारत से नफरत करना और हमारी प्रगति को रोकने की कोशिश करना। लेकिन हमारा एक ही लक्ष्य है – आगे बढ़ते रहना, गरीबी को खत्म करना और विकसित भारत का निर्माण करना है। वास्तव में विकसित भारत तभी संभव है जब हमारी सशस्त्र सेनाएँ मजबूत हों – और हमारी अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो। और हम पूरी लगन और दृढ़ संकल्प के साथ लगातार उस दिशा में काम कर रहे हैं।

Loading

Back
Messenger