![]()
Breaking News
📰 कलेक्टरेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला…
📰 जनपद में बहुप्रतीक्षित जिला कारागार निर्माण के लिए शासन ने हरी झंडी दे दी…
📰 कलेक्टरेट सभागार में बुधवार को सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों एवं निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों का…
समंदर के बीचों-बीच एक फिल्मी ऑपरेशन चल रहा था। हेलीकॉप्टर से ब्रिटिश कमांडो नीचे उतर…
अमेरिका भारत के खिलाफ जो एक्शन ले रहा है वह दरअसल एक्शन नहीं रिएक्शन है।…
फ्रांस में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन से पहले स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में…
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर पवन बाधे को…
प्रधानमंत्री मोदी की स्लोवाकिया की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के दौरान, भारत और स्लोवाकिया ने सोमवार…
शिपिंग मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के…
हम सभी दिनभर की भागदौड़ में व्यस्त रहते हैं और जब शाम को थकान होती…
बेलगावी (कर्नाटक) । कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने दावा कि एक वीडियो फुटेज में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मणिपदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के प्रमुख बी वाई विजयेंद्र पर आरोप लगा रहे हैं कि वह वक्फ अतिक्रमणों पर उनकी रिपोर्ट को दबाने के लिए उन्हें 150 करोड़ रुपये की ‘रिश्वत’ देने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के बयान से पहले मणिपदी ने रविवार को विजयेंद्र द्वारा रिश्वत की पेशकश किये जाने के आरोपों का खंडन किया था। इसकी जगह मणिपदी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं ने उन्हें रिश्वत देने का प्रयास किया था।
कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष के रूप में मणिपदी ने रिपोर्ट तैयार की थी और मार्च 2012 में तत्कालीन भाजपा सरकार को सौंपी थी। इसे 2020 में सदन में पेश किया गया, तब भी भाजपा सत्ता में थी। सिद्धरमैया ने कहा, मणिपदी ने खुद ही पहले कहा था। कौन सा (उनका) बयान सही है और कौन सा गलत? मणिपदी ने ही पहले यह कहा था, जिसके आधार पर हमने प्रतिक्रिया दी। अगर अब वह इंकार करते हैं, तो क्या किया जाना चाहिए, मुझे बताएं। मेरे अनुसार हमारी प्रतिक्रिया सही है। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, उन्होंने (मणिपदी) ही दावा किया था कि उन्हें 150 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी है।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में यह कहा था। अब कई वर्षों के बाद वह इससे इनकार कर रहे हैं। मुझे बताएं कि क्या किया जाना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या वह मणिपदी के कथित दावों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) से जांच का आदेश देंगे, मुख्यमंत्री ने कहा, उन्होंने (मणिपदी ने) यह कहा है। देखते हैं। इस मुद्दे को उठाया जाएगा और इस पर चर्चा की जाएगी। सिद्धरमैया ने इससे पहले शनिवार को एक बयान में कहा था कि मणिपदी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि जब बी एस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री थे, उस दौरान विजयेंद्र उनके घर आए थे और वक्फ संपत्ति अतिक्रमण रिपोर्ट के बारे में चुप रहने के लिए 150 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी।
सीबीआई जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि मणिपदी ने कहा था कि जब विजयेंद्र ने उन्हें रुपये देने की पेशकश की, तो उन्होंने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया और घटना की सूचना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष को दी। विजयेंद्र ने रविवार को कहा कि कांग्रेस और सिद्धरमैया अपने खिलाफ भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोपों से परेशान लग रहे हैं, खासकर मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) के भूखंड आवंटन मामले से।
उन्होंने कहा, ….मुझे अनवर मणिपदी के घर जाकर 150 करोड़ रुपये की पेशकश क्यों करनी चाहिए? वह भी कांग्रेस नेताओं (रिपोर्ट में नामित) को बचाने के लिए? सिद्धरमैया ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि उनकी सरकार उत्तर कर्नाटक से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए तथा राज्य विधानमंडल के जारी शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में वक्फ मुद्दे पर बहस का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, यह निर्णय लिया गया है कि उत्तर कर्नाटक से संबंधित मुद्दों पर तीन दिन – सोमवार, मंगलवार और बुधवार – चर्चा होगी। पता नहीं विपक्ष कौन सा विषय उठाएगा। वक्फ मुद्दे पर चर्चा और उस पर जवाब अभी भी लंबित है…सरकार उत्तर कर्नाटक पर चर्चा और वक्फ मुद्दे पर बहस का जवाब देने के लिए तैयार है।
