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LoC पर अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में पाकिस्तान रहा विफल, भारत संघर्ष विराम को कर सकता है समाप्त

पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत आने वाले दिनों में संघर्ष विराम समाप्त करने की घोषणा कर सकता है। सीएनएन-न्यूज18 ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि  नई दिल्ली इस पर गंभीरता से विचार कर रही है क्योंकि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में असमर्थ रहा है। सूत्रों के अनुसार, भारत यह सख्त रुख इसलिए अपना रहा है क्योंकि पाकिस्तान बार-बार प्रतिबद्धताओं के बावजूद सीमा पार आतंकवाद पर लगाम लगाने में विफल रहा है। सूत्रों ने कहा कि यह कदम पड़ोसी देश को और अलग-थलग कर सकता है और यह इस्लामाबाद के डबल स्टैंडर्ड के जवाब में होगा। 

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फरवरी 2021 में हुए संघर्ष विराम समझौते के बावजूद, लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करना जारी रखते हैं। पाकिस्तान ने स्नाइपर हमलों और गोलाबारी के साथ भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है और ये घटनाएँ 2023 और 2024 के बीच बढ़ गई हैं। सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि शीर्ष सुरक्षा तंत्र संघर्ष विराम की समाप्ति के लिए पूरी तरह से तैयार है और अगर कोई परिणाम निकलता है तो उससे निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है और इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। 

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उन्होंने आगे कहा कि पहलगाम में हुआ ताजा आतंकी हमला आतंकी ढांचे को खत्म करने में इस्लामाबाद की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) भी आतंकवादियों को रसद सहायता, प्रशिक्षण और सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकी वित्तपोषण पर नकेल कसने के लिए वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से की गई प्रतिबद्धताओं का बार-बार उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि लश्कर/टीआरएफ जैसे समूह नए नामों के तहत खुलेआम काम कर रहे हैं।

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