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Bachendri Pal Birthday: Mount Everest पर तिरंगा फहराने वाली Bachendri Pal की कहानी, जिसने दुनिया में बढ़ाया India का मान

आज यानी की 24 मई को भारतीय महिला पर्वतारोही बछेंद्री पाल अपना 72वां जन्मदिन मना रही हैं। वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर फतह करने वाली और तिरंगा फहराने पहली महिला हैं। इस उपलब्धि के लिए बछेंद्री पाल ने कड़ी मेहनत की थी। हालांकि उनका परिवार नहीं चाहता था कि वह पर्वतारोही बने, लेकिन उनको बचपन से ही पहाड़ों और एडवेंचर का शौक था। उन्होंने अपने सपने को पूरा करके इतिहास रच दिया और देश का मान बढ़ाया। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर बछेंद्री पाल के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में… 

जन्म और परिवार

उत्तरांचल में गढ़वाल जिले के एक छोटे से गाँव नकुरी में 24 मई 1954 को बछेंद्री पाल का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम किशनपाल सिंह और मां का नाम हंसा देवी था। उनके पिता एक साधारण व्यापारी थे। बछेंद्री बचपन से ही पढ़ाई और खेलकूद में अव्वल थीं। वह स्कूल में पिकनिक के दौरान 13 हजार फीट की ऊंचाई पर आसानी से चढ़ गई थीं। इसी के बाद से उनको पर्वतारोहण का शौक हो गया था।

ऐसे शुरू हुआ पर्वतारोही बनने का सफर

आर्थिक तंगी के बीच उन्होंने मैट्रिक पास किया और फिर स्नातक किया। वह अपने गांव में ग्रेजुएशन करने वाली पहली महिला थीं। बछेंद्री पाल का सपना पर्वतारोही बनने का था। उन्होंने स्नातक करने के बाद संस्कृत से पोस्टग्रेजुएशन किया और फिर बीएड किया। हालांकि बछेंद्री पाल का परिवार नहीं चाहता था कि वह पर्वतारोही बने। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में एडमिशन लिया।

ऐसे रचा इतिहास

वहीं साल 1984 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने के लिए अभियान दल का गठन किया गया। इस दल का नाम एवरेस्ट 84 था, इस दल में बछेंद्री पाल भी शामिल थीं। इस दल में उनके साथ 11 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल थीं। कड़ी ट्रेनिंग के बाद साल मई 1984 में बछेंद्री पाल का दल अभियान के लिए निकला। तूफान, खराब मौसम और कठिन चढ़ाई का सामना करते लिए बछेंद्री पाल ने 23 मई 1984 को एवरेस्ट पर फतह करते हुए इतिहास रच दिया था।

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