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बिहार में सियासी तनाव के बीच तेज प्रताप यादव को जान का खतरा! केंद्र से मांगी सुरक्षा

जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव ने बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से अपनी निजी सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया है और कहा है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था अपर्याप्त है। तेज प्रताप ने यह चिंता जन सुराज कार्यकर्ता दुलार चंद यादव की हत्या के कुछ दिनों बाद व्यक्त की, जब वह गुरुवार को मोकामा में जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने चार अलग-अलग प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कीं, जिनमें से एक सिंह के खिलाफ थी। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि हृदय और फेफड़ों में चोट लगने के कारण हुए सदमे के कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर से उनकी मृत्यु हुई।
 

मोकामा की हालिया घटना का ज़िक्र करते हुए तेज प्रताप ने आशंका जताई कि राज्य में हत्या, गोलीबारी और अन्य अपराधों की बढ़ती घटनाएँ न केवल जनता के लिए, बल्कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए भी ख़तरा हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उन्हें निशाना बनाया जा सकता है, इसलिए केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन को उनकी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी चाहिए ताकि वे बिना किसी डर के चुनाव प्रचार कर सकें। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “बिहार के मौजूदा हालात आप देख ही सकते हैं। एक के बाद एक हत्याएँ हो रही हैं। कोई नहीं जानता कि कब और कहाँ कोई दुश्मन आ खड़ा हो।”
 

तेज प्रताप यादव चुनाव आयोग पहुँचे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह बयान दिया। इसके अलावा, तेज प्रताप यादव ने सुपौल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में तेज प्रताप ने आरोप लगाया है कि उनकी ही पार्टी के एक उम्मीदवार ने महागठबंधन के एक उम्मीदवार से समर्थन माँगा, जो पार्टी की नीति और अनुशासन के विरुद्ध है। उन्होंने चुनाव आयोग से मामले की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है।

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