अमेरिका में 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। केवल दस दिन बचे हैं अब। पूरी दुनिया की निगाहें इन चुनावों पर टिकी हैं। रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस चुनाव में मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी हैं। अमेरिका की जनता अपने नेताओं की परीक्षा ले रही है। अमेरिका का चुनाव पूरी दुनिया को प्रभावित करता है। लोग मानते हैं कि वहां ट्रंप आएंगे तो अमेरिका फर्स्ट की नीति अपनाइ जाएगी। आक्रमक सरकार होगी। जबकि कमला हैरिस बैलेंस्ड हैं और उनकी पार्टी डिफेंसिव नीतियां लाती हैं। सीएनएन के सर्वे में कहा गया है कि अमेरिका का 85 फीसदी वोटर अपने मनपसंदीदा कैंडिडेट के लिए मन बना चुका है।
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ट्रंप ने न्यूयॉर्क जीतने का किया दावा
दुनिया के सबसे अमीर और टेस्ला स्पेस एक्स के सीईओ एलन मस्क ने खुलकर डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया है। वो ट्रंप की रैलियों में वोट भी मांग रहे हैं। अमेरिका कानून में इससे संबंधित कोई निश्चित प्रावधान नहीं था। रैली के दौरान ट्रंप ने न्यूयॉर्क जीतने का दावा किया और कहा कि अगर वे सत्ता में लौटे तो न्यूयॉर्क को तरक्की की राह पर आगे बढ़ाएंगे। न्यूयॉर्क की रैली में डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप भी शामिल हुईं। इतना ही नहीं उन्होंने मंच से संबोधन भी दिया और अपने पति के लिए लोगों से समर्थन मांगा।
कार्यकाल के बीच राष्ट्रपति को कुछ हो जाए तो…
1841 में अमेरिकी राष्ट्रपति विलियम हेनरी के पद संभालने के 32 दिन बाद ही उनकी मृत्यु हो गई थी। ठीक उस वक्त अमेरिका में बहस छिड़ गई थी कि उपराष्ट्रपति जॉन टेलर को राष्ट्रपति की पूर्ण शक्तियां मिलेंगी या नहीं। अमेरिकी कानून में इससे संबंधित कोई निश्चित प्रावधान नहीं था। साल 1947 में प्रेसिडेंट सक्शेसन एक्ट लाया गया। एक्ट के अंतर्गत किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के इस्तीफा देने या पद से हटाए जाने या मौत हो जाने पर फॉलो होने वाले 18 उत्तराधिकारियों का पूरा क्रम निश्चित है।
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