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वहां चोट करो जहां सबसे ज्यादा दर्द हो… मोदी के पहुंचते ही जापान ने ट्रंप से तोड़ दी 550 अरब डॉलर की डील!

पीएम मोदी के जापान दौरे के बीच ट्रंप को लगा बड़ा झटका। जापान ने अमेरिका के साथ अरबों की डील पटल दी। ट्रंप की चाल अब उल्टी पड़ती नजर आ रही है। दरअसल, जापान पहुंचते ही पीएम मोदी का धमाकेदार स्वागत हुआ। लेकिन इसी बीच भारत को नुकसान पहुंचाने वाले ट्रंप को जापान ने तगड़ा झटका दे दिया। ये कोई छोटा मोटा झटका नहीं बल्कि 45 लाख 92 हजार 500 करोड़ रुपए की डील से जुड़ा है। 550 अरब डॉलर के मेगा निवेश समझौते की प्रक्रिया को अचानक रोक दिया गया। दरअसल जापान के कारोबार सलाहकार रयोसेई इस डील को फाइनल करने के लिए अमेरिका जाने वाले थे लेकिन उन्होंने आखिरी मिनट में ये दौरा रद्द कर दिया।

गौर करने वाली बात ये है कि उन्होंने ये दौरा पीएम मोदी के जापान पहुंचने के बीच रद्द किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत कई देशों पर आयात टैरिफ बढ़ाए हैं। जिसमें जापान भी शामिल है। जापान पर पहले 25 फीसदी का सामान्य टैरिफ लगाया गया था। जो विशेष रूप से ऑटोमोबाइल और ऑटोपार्ट जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा था। जुलाई 2025 में जापान और अमेरिका ने एक व्यापार समझौते पर सहमति जताई जिसमें जापान के आयात टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी करने का वादा किया गया। इसके एवज में जापान ने अमेरिका में 550 अरब डॉलर का निवेश पैकेज देने का प्रस्ताव रखा। 

जापान का कहना है कि ये निवेश तभी किया जाएगा। जब वो जापान के हितों को लाभ पहुंचाएगा। दोनों पक्षों के बीच मतभेद है। जापान चाहता है कि निवेश से दोनों देशों को बराबर लाभ हो। लेकिन ट्रंप तो ऐसा कतई नहीं चाहते और उन्हें तो बस अपना लाभ ही दिखता है। 550 अरब डॉलर की डील रुकने का एक बड़ा कारण जापानी चावल भी है। जापान और अमेरिका के बीच समझौते की प्रक्रिया मई से ही चल रही थी। अब मुद्दा ये है कि डोनाल्ड ट्रंप हमेशा की तरह ही अपनी शर्तों पर निवेश चाहते हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ये लिख दिया था कि जापान ने अमेरिका के लिए अपना एग्रीकल्चर सेक्टर खोल दिया है। 

मामला सीधा चावल से जुड़ा था। जापानी किसान कभी नहीं चाहते कि अमेरिका का चावल जापानी बाजारों में आए। इसे लेकर  पहले भी विरोध हो चुका है। दशकों से यहां अमेरिकी चावल का विरोध होता रहा है। उन्हें ये लगता है कि सस्ता चावल किसानों के बाजार को खत्म कर देगा। जापानी लोग स्टिकी राइस खाते हैं और वो इसे पौष्टिक मानते हैं। 

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