पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने देश के आज़ादी के जश्न के मौके पर सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने को लेकर भारत को एक नई चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की “एक-एक बूंद” एक ‘रेड लाइन’ (अहम सीमा) है और धमकी दी कि अगर नई दिल्ली सही रास्ते पर नहीं आई तो सीधा जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान की आज़ादी के दिन यादगार-ए-फ़तह समारोह को संबोधित करते हुए शरीफ़ ने यह भी चेतावनी दी कि पाकिस्तान की संप्रभुता या सुरक्षा के लिए भविष्य में किसी भी चुनौती का जवाब उस जवाब से भी ज़्यादा कड़ा होगा, जो इस्लामाबाद का दावा है कि उसने 2025 के टकराव के दौरान दिया था। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तीन दिन तक चली लड़ाई में भारत की हार के बाद उसने एकतरफा और गैर-कानूनी तरीके से सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया। उन्होंने इस कदम को इस बात का सबूत बताया कि भारत शांति का दुश्मन है।
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अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों के हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ जल-बंटवारे की संधि को रद्द कर दिया था। यह संधि रद्द करना उन कई दंडात्मक कदमों में से एक था जो नई दिल्ली ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करने से पहले उठाए थे। शरीफ़ ने कहा हमारे पानी की एक-एक बूंद एक ‘रेड लाइन’ (अहम सीमा) है। अगर भारत सही रास्ते पर नहीं आया, तो उसे सीधा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती दी गई, तो वह और भी ज़्यादा ताकत के साथ जवाब देगा। उन्होंने कहा 2025 की लड़ाई का संदेश पूरी दुनिया तक पहुँच गया है। उन्होंने दावा किया कि इस टकराव से पाकिस्तान की प्रतिष्ठा में असाधारण वृद्धि हुई है। अगर भविष्य में कोई भी, गलती से भी, पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती देता है, तो उसे 2025 की तुलना में और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि उनका देश शांति, सम्मान और गरिमा चाहता है और वे पाकिस्तान को क्षेत्रीय स्थिरता लाने वाली ताकत के तौर पर दिखाना चाहते हैं। शरीफ़ ने कहा हम सम्मान और गरिमा के साथ शांति के पक्ष में हैं और इस क्षेत्र में स्थिरता की गारंटी बन गए हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि यह क्षेत्र और पूरी दुनिया झगड़ों से मुक्त रहे और उन्होंने न्याय तथा संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों के अनुसार विवादों को सुलझाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि पाकिस्तान ने 2025 के संघर्ष में अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने की अपनी क्षमता साबित कर दी है। उन्होंने कहा कि देश का असली चरित्र और पहचान न केवल युद्ध के मैदान में उसके व्यवहार से, बल्कि शांति को बढ़ावा देने के उसके प्रयासों से भी झलकती है।