कजाकिस्तान में रविवार को संसदीय चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है तथा उम्मीद की जा रही है कि इससे मध्य एशिया के सबसे बड़े देश में राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव की सत्ता पर पकड़ और मजबूत होगी। राष्ट्रपति का समर्थन करने वाली ‘अदिलेट’ पार्टी के भारी बहुमत से जीतने की उम्मीद है। साथ ही, तोकायेव की समर्थक कई छोटी पार्टियों के भी संसद में पहुंचने की संभावना है।
यह चुनाव देश की नयी एवं एक सदन वाली संसद ‘कुरुलताई’ के लिए पहला चुनाव है। तोकायेव (73) सोवियत संघ के पूर्व अधिकारी और कजाक राजनयिक रह चुके हैं तथा संयुक्त राष्ट्र में भी काम कर चुके हैं। वह 2019 से देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन हैं।
रविवार को हो रहा मतदान उस संवैधानिक बदलाव की प्रक्रिया का अंतिम चरण है, जिसे तोकायेव ने मार्च में शुरू किया था। उस समय 87 प्रतिशत मतदाताओं ने संसद के दोनों सदनों को मिलाकर एक सदन बनाने और राष्ट्रपति को अहम अधिकारियों (जिनमें उपराष्ट्रपति का पद फिर से बनाना भी शामिल है) की नियुक्ति का अधिकार देने के प्रस्ताव का समर्थन किया था। हालांकि, इन नियुक्तियों के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होगी।
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