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Cuba में इतिहास का सबसे बड़ा Blackout, बिजली-पानी को तरसे करोड़ों लोग, जिंदगी हुई बेहाल

इस महीने क्यूबा अपने इतिहास के सबसे बुरे बिजली संकट से गुजर रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि जमीन पर फैला यह अंधेरा अब अंतरिक्ष से भी साफ दिखाई दे रहा है। नासा की सैटेलाइट तस्वीरों ने इस कड़वी सच्चाई को पूरी दुनिया के सामने रख दिया है।
नासा के ‘ब्लैक मार्बल’ डेटा से पता चलता है कि 22 मार्च 2026 को क्यूबा का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह अंधेरे में डूब गया था। पिछले साल इसी तारीख को वहां रोशनी जगमगा रही थी, लेकिन अब शहरों से लेकर गांवों तक हर जगह बिजली की भारी कमी देखी जा रही है। इस अचानक आए ब्लैकआउट ने देश के 1 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी मुश्किल में डाल दी है।

अंतरिक्ष से दिखा गहराता अंधेरा

नासा की खास तकनीक रात के समय होने वाले बदलावों को ट्रैक करती है। यह तकनीक चांद की रोशनी और बादलों को हटाकर सिर्फ इस बात पर नजर रखती है कि जमीन पर कितनी बिजली जल रही है। इन तस्वीरों से पुष्टि हुई है कि क्यूबा में पावर ग्रिड फेल होने और ईंधन की कमी के कारण चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ है।
हवाना और सैंटियागो डी क्यूबा जैसे बड़े शहर, जो पहले रोशनी से चमकते थे, अब अपनी चमक खो चुके हैं। सैटेलाइट इमेज में साफ दिख रहा है कि ये शहर अब अपनी क्षमता से बहुत कम बिजली पैदा कर पा रहे हैं। ग्रिड के बार-बार ठप होने से पूरा देश एक बड़े ऊर्जा संकट में फंस गया है।
 

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आखिर क्यों बुझ गई क्यूबा की रोशनी?

आंकड़ों के मुताबिक, क्यूबा अपनी 83% से ज्यादा बिजली की जरूरतों के लिए तेल पर निर्भर है। तेल पर इतनी ज्यादा निर्भरता ही क्यूबा की सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है।
क्यूबा के पास बिजली बनाने वाले जो प्लांट हैं, वे बहुत पुराने हो चुके हैं। इन्हें चलाने के लिए लगातार तेल की सप्लाई चाहिए होती है। जैसे ही तेल की कमी होती है, बिजली बनना बंद हो जाती है और पूरा सिस्टम बैठ जाता है। सौर ऊर्जा या अन्य विकल्पों की कमी ने इस समस्या को और भी गंभीर बना दिया है।
 

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दूसरे देशों और प्रतिबंधों का असर

पहले वेनेजुएला से आने वाला तेल क्यूबा के लिए एक बड़ा सहारा था, लेकिन वहां के अपने संकट की वजह से अब सप्लाई काफी कम हो गई है। क्यूबा के पास विदेशी मुद्रा की भी कमी है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल नहीं खरीद पा रहा है।
ऊपर से अमेरिकी प्रतिबंधों ने आग में घी डालने का काम किया है। 29 जनवरी 2026 को लागू हुए नए नियमों के कारण उन देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा है जो क्यूबा को तेल भेजते हैं। इन पाबंदियों की वजह से क्यूबा के लिए तेल और बिजली घर के जरूरी पुर्जे मंगवाना लगभग नामुमकिन हो गया है।

अंधेरे के साथ बुनियादी सुविधाओं की मार

यह संकट सिर्फ बिजली जाने तक सीमित नहीं है, इसके नतीजे बहुत डरावने हैं। बिजली न होने से पानी की सप्लाई रुक गई है, खाना खराब हो रहा है क्योंकि फ्रिज और कोल्ड स्टोरेज काम नहीं कर रहे हैं। अस्पतालों को जनरेटरों के भरोसे छोड़ दिया गया है और मोबाइल व इंटरनेट नेटवर्क भी ठप पड़ रहे हैं।

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