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White House Shooting पर बोले Obama- लोकतंत्र में हिंसा की जगह नहीं, Trump पर साधी चुप्पी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना की निंदा करते हुए कहा है कि एक लोकतांत्रिक समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने इस कार्यक्रम में मौजूद सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई और बहादुरी की भी सराहना की। यह घटना एक हाई-प्रोफाइल सालाना कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसमें अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई सीनियर अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी खास मेहमान सुरक्षित हैं। हालांकि, हालात को संभालने की कोशिश में एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी घायल हो गया।

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ओबामा ने एक्स पर पोस्ट किया हालांकि, व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में कल रात हुई गोलीबारी के पीछे के मकसद के बारे में हमारे पास अभी पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन हम सभी की यह ज़िम्मेदारी है कि हम इस सोच को सिरे से खारिज कर दें कि हमारे लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह है। यह हमें US सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की उस हिम्मत और कुर्बानी की भी याद दिलाता है, जो वे हर दिन दिखाते हैं। मैं उनका शुक्रगुज़ार हूँ और इस बात के लिए भी आभारी हूँ कि जिस एजेंट को गोली लगी थी, वह अब ठीक हो जाएगा। कई दूसरे ग्लोबल नेताओं के उलट, जिन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सुरक्षित होने पर सार्वजनिक तौर पर राहत ज़ाहिर की थी, ओबामा ने अपनी पोस्ट में US राष्ट्रपति का ज़िक्र नहीं किया।

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संदिग्ध पकड़ा गया

गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान कैलिफ़ोर्निया के 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि घटना से कुछ ही समय पहले उसने अपने परिवार को कुछ परेशान करने वाले संदेश भेजे थे, जिससे उसके इरादों को लेकर चिंताएं पैदा हो गई थीं। एपी द्वारा उद्धृत एक कानून प्रवर्तन अधिकारी के अनुसार, एलन ने अपने लिखे हुए संदेशों में खुद को एक “मिलनसार संघीय हत्यारा” बताया था। ये संदेश गोलीबारी शुरू होने से कुछ ही मिनट पहले भेजे गए थे, और अब जांच के हिस्से के तौर पर इनकी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना ​​है कि इन संदेशों की सामग्री किसी राजनीतिक मकसद की ओर इशारा करती है। बताया जाता है कि संदिग्ध ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी कई नीतियों पर गुस्सा ज़ाहिर किया था, हालांकि उसने उनका नाम लेकर ज़िक्र नहीं किया था। इन संदेशों में हालिया सरकारी कार्रवाइयों और प्रशासन से जुड़ी व्यापक शिकायतों का भी ज़िक्र था। इन संदेशों में पूर्वी प्रशांत महासागर में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाली नावों के खिलाफ अमेरिका के अभियानों जैसे मुद्दों का भी ज़िक्र किया गया था।

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