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Trump की ‘ऐतिहासिक’ Venezuela Oil Deal, 65 अरब बैरल तेल पर US के नियंत्रण के क्या हैं मायने?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिका निजी कंपनियों के साथ साझेदारी के ज़रिए वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज़्यादा तेल भंडार पर ज़्यादातर नियंत्रण हासिल करेगा। उन्होंने इस समझौते को दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील बताया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस डील में वेनेज़ुएला के कुल प्रमाणित रिज़र्व का लगभग पांचवां हिस्सा शामिल है। इससे वॉशिंगटन को एक जॉइंट वेंचर में हिस्सेदारी और लागत मूल्य पर तेल खरीदने का अधिकार मिलता है। यह जॉइंट वेंचर ओरिनोको बेल्ट और लेक माराकाइबो में 17 फील्ड्स के लिए 100 साल के कंसेशन (रियायतें) रखेगा। यह घोषणा अमेरिकी सेना द्वारा जनवरी में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने और उनकी डिप्टी डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यभार संभालने की अनुमति देने के लगभग नौ महीने बाद की गई है।

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इस समझौते के बारे में हम क्या जानते हैं

एक अमेरिकी अधिकारी ने AP और ब्लूमबर्ग को बताया कि घोषित ढांचे के तहत, अमेरिका वेनेजुएला में एक निजी ऑपरेटर (जिसका नाम अभी तय नहीं हुआ है) के साथ एक नए जॉइंट वेंचर के प्रभावी उत्पादन का 55% हिस्सा नियंत्रित करेगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वेंचर सऊदी अरामको के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कॉर्पोरेट रिज़र्व होल्डर बन जाएगा। अधिकारी ने कहा कि तेल अमेरिका को लागत मूल्य पर बेचा जाएगा और इसे देश के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व (आपातकालीन भंडार) और सैन्य इस्तेमाल के लिए भेजा जाएगा। रोड्रिगेज़ ने टेलीग्राम पर इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि इसमें 17 रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें लगभग 65 अरब बैरल का रिज़र्व है। उन्होंने कहा कि इस डील से 100 अरब डॉलर से ज़्यादा का निवेश आएगा और वेनेज़ुएला सरकार को 209 अरब डॉलर का टैक्स रेवेन्यू मिलेगा। उन्होंने इस समझौते को “ऐतिहासिक” बताया और कहा कि इसका “हमारे देश के पुनरुत्थान पर बड़ा असर पड़ेगा।

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