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भारत-ईरान के बीच ये चल क्या रहा है, Jai Hind बोलकर जीता दिल, जयशंकर ने फट से विदेश मंत्री अरागची को फोन पर कहा- धन्यवाद

भारत के विदेश मंत्री की बातचीत ईरान के विदेश मंत्री से हुई है। ईरान के विदेश मंत्री ने एस जयशंकर को मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी है। इस बातचीत के बारे में खुद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करके लिखा है कि आज दोपहर ईरान के विदेश मंत्री अरागची से बात की। मौजूदा जटिल स्थिति में ईरान के दृष्टिकोण और सोच को साझा करने के लिए उनकी सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए उनका (अराघची को) धन्यवाद दिया। यानी की ईरान ने अपना स्टैंड फोन करके भारत को साफ तौर पर क्लियर कर दिया है। ईरान ने पूरे मामले की जानकारी दी है। ईरान और इजरायल के बीच जब जंग हुआ तो उसमें आखिरकार अमेरिका कूद पड़ा और उसके बाद हालात बिगड़ गए। 

हालांकि रविवार सुबह अमेरिका द्वारा ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी के बाद ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष बढ़ गया था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान और इजराइल के बीच युद्ध विराम की घोषणा की। युद्ध विराम कायम होता दिखाई दे रहा है। लेकिन ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की बमबारी ने ईरान और पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। इस मामले में भारत भी लगातार कह रहा था कि स्थिति चिंताजनक है और ईरान व इजरायल दोनों ही उनके मित्र देश हैं। ऐसे में दोनों देशों को अगर बातचीत करनी है तो भारत उसमें अपनी भूमिका निभा सकता है। 

इतना ही नहीं दोनों देशों से भारत ने दोनों देशों से डिस्क्लेशन की अपील की थी और कहा था कि दोनों देश बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए अपने मसले को सुलझा ले। यही ज्यादा बेहतर होगा। हालांकि ईरान बार बार कह रहा है कि वो अपना परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करेगा। वहीं अमेरिका और इजरायल इस बात पर अडिग हैं कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करना ही होगा। यही सब तनाव के कारण लगातार स्थिति बिगड़ती चली गई और मामला युद्ध तक चला गया।  

ईरानी दूतावास ने इससे पहले बकायदा एक बयान जारी कर भारत और भारतीय लोगों का सपोर्ट करने के ल‍िए धन्‍यवाद दिया था। दूतावास ने कहा कि भारत के कई राजनीतिक दलों, सांसदों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, शिक्षकों, धार्मिक नेताओं और आम नागरिकों ने ईरान के साथ एकजुटता दिखाई. ये समर्थन जनसभाओं, शांति मार्च और बयानों के जरिए मिला, जिससे हमें साहस और मजबूती मिली। बयान के आख‍िर में लिखा गया, ‘जय ईरान–जय हिन्द’, जो लोगों के द‍िल को छू गया।

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